गिरोंग, 05 सितंबर।
नेपाल-चीन सीमा के गिरोंग क्षेत्र में 26 अगस्त को हुए भूस्खलन के बाद नदी में आई बाढ़ से भारी तबाही हुई है। चीन ने पहली बार इस आपदा में मृतकों और लापता लोगों का आधिकारिक आंकड़ा सार्वजनिक किया है। शुक्रवार शाम 6 बजे तक 31 लोगों के शव बरामद किए गए हैं और 531 लोग अब भी संपर्क से बाहर हैं।
भूस्खलन के बाद आई बाढ़ ने सीमा क्षेत्र में स्थित चीन की ओर के आव्रजन और सीमा शुल्क भवन को प्रभावित किया। इस भवन में मौजूद 531 लोगों के लापता होने की जानकारी दी गई है। बचावकर्मियों ने प्रभावित इलाके से 987 व्यक्तिगत सामान भी बरामद किए हैं।
अधिकारियों ने बुधवार तक जी-216 बचाव मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान संभावित भूगर्भीय आपदा से जुड़े 58 स्थानों की पहचान की गई है, जहां विशेष सतर्कता की जरूरत बताई गई है।
सीमा क्षेत्र में संभावित खतरे वाले इलाकों का निरीक्षण और जोखिम का आकलन भी पूरा कर लिया गया है। आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित रखने के लिए दो अस्थायी आश्रयस्थलों के स्थान भी तय किए गए हैं।
भूस्खलन के बाद गिरोंग बंदरगाह क्षेत्र से होकर आई बाढ़ ने कई इमारतों और बिजली आपूर्ति व्यवस्था को नष्ट कर दिया। गिरोंग बंदरगाह की ओर जाने वाले जी-216 राजमार्ग का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हुआ है।
सड़क और अन्य व्यवस्थाओं को हुए नुकसान के कारण आपदा प्रबंधन तथा बचाव कार्यों में गंभीर बाधा उत्पन्न हुई है। प्रभावित क्षेत्रों में जोखिम वाले स्थानों पर स्थिति का आकलन किया जा रहा है।















