इंदौर, 05 सितंबर।
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि मेट्रो परियोजनाएं केवल शहरों में परिवहन सुविधा बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उद्योग, व्यापार और विकसित भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ 2,850 करोड़ रुपये की लागत से विस्तारित इंदौर मेट्रो कॉरिडोर का शुभारंभ किया।
इंदौर में मेट्रो के नए चरण के लोकार्पण कार्यक्रम में मनोहर लाल ने कहा कि वर्ष 2014 में देश के केवल पांच शहरों में 245 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क संचालित था। आज 26 शहरों में लगभग 1,170 किलोमीटर का मेट्रो नेटवर्क तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि मेट्रो विस्तार की यह गति अभूतपूर्व है और भारत जल्द ही मेट्रो नेटवर्क के मामले में अमेरिका को पीछे छोड़कर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन सकता है।
उन्होंने इंदौर के नए 11 किलोमीटर लंबे मेट्रो कॉरिडोर को शहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। पहले मेट्रो का करीब छह किलोमीटर हिस्सा बाहरी क्षेत्र तक सीमित था, लेकिन नए कॉरिडोर के शुरू होने से मेट्रो शहर के प्रमुख इलाकों से भी जुड़ गई है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मेट्रो विस्तार से विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और आम नागरिकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और समयबद्ध यात्रा की सुविधा मिलेगी। इससे शहर में यातायात सुगम होगा और लोगों के समय की बचत भी होगी।
मनोहर लाल ने कहा कि मेट्रो विकसित भारत की आधारभूत संरचना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य के लिए शहरीकरण, आधारभूत संरचना, औद्योगिकीकरण, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में तेजी से विकास आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में इंदौर मेट्रो के विस्तार से बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और उज्जैन जैसे महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ने की नई संभावनाएं बनेंगी। इससे उद्योग, व्यापार, पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश देश का दिल है और इंदौर उसकी धड़कन है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ सुपर कॉरिडोर-3 से मालवीय नगर तक मेट्रो कॉरिडोर का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर मेट्रो परियोजना का उद्देश्य शहर में आवागमन आसान बनाने के साथ उसके विस्तार और विकेंद्रीकरण को गति देना है। उन्होंने बताया कि आगे मेट्रो को पीथमपुर, महू, देवास, उज्जैन और मक्सी तक विस्तारित करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि पहले चरण के बाद अगले चरणों का काम आगे बढ़ाया जाएगा और मुख्यमंत्री से आवश्यक स्वीकृति भी मिल चुकी है। अगले 10 से 15 वर्षों तक इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में मेट्रो परियोजना पर लगातार काम होने की संभावना है।
विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर की सुंदरता और नागरिकों की मांग को देखते हुए शहर के प्रमुख हिस्सों में मेट्रो को भूमिगत करने का निर्णय लिया गया है। एमजी रोड जैसी सड़कों पर मेट्रो के खंभों से शहर के सौंदर्य पर असर पड़ने की आशंका थी। भूमिगत परियोजना से लागत बढ़ेगी, लेकिन इंदौर की पहचान और सुंदरता सुरक्षित रहेगी।
कार्यक्रम के अंत में अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने आभार व्यक्त किया और अतिथियों ने बटन दबाकर मेट्रो के नए चरण का औपचारिक शुभारंभ किया।















