अशोकनगर, 05 सितंबर।
जिले के पिपरई थाना क्षेत्र में रामलीला मैदान स्थित ऐतिहासिक बालाजी मंदिर में शनिवार शाम प्रतिमा पर कुल्हाड़ी से हमला किए जाने की घटना के बाद तनाव फैल गया। घटना से आक्रोशित नागरिकों और हिंदू संगठनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जो करीब तीन से चार घंटे तक चला।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय मंदिर परिसर में श्रद्धालु रामायण पाठ कर रहे थे। इसी दौरान आरोप है कि लिधोरा गांव निवासी नीलेश पुत्र सुखचंद नरवरिया मंदिर पहुंचा और भगवान श्रीबालाजी की प्रतिमा पर कुल्हाड़ी से वार करने लगा। वहां मौजूद लोगों ने इसका विरोध किया तो आरोपी पर श्रद्धालुओं से अभद्रता और गाली-गलौज करने का भी आरोप है।
मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पिपरई पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में लोग रामलीला मैदान पहुंच गए।
आक्रोशित लोगों ने मुख्य मार्ग पर प्रदर्शन करते हुए चक्काजाम शुरू कर दिया। प्रदर्शन के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन प्रभावित रहा। नागरिकों तथा हिंदू संगठनों ने प्रशासन से मामले में कठोर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों और संतों ने प्रशासन के सामने चार प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने क्षतिग्रस्त प्रतिमा को हटाकर विधि-विधान के साथ भगवान श्रीबालाजी की नई प्रतिमा स्थापित करने की मांग की। साथ ही मुख्य आरोपी और घटना में कथित रूप से शामिल अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों ने आरोपी पक्ष के कथित अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करने और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी प्रशासन के समक्ष रखी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर स्थिति सामान्य करने और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाने के प्रयास किए गए। खबर लिखे जाने तक चक्काजाम समाप्त नहीं हुआ था और क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई थी।















