लखनऊ, 05 सितंबर।
उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए योगी सरकार ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। प्रशासन और राहत दल प्रभावित इलाकों में लगातार काम कर रहे हैं। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार अब तक 19,294 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और बाढ़ से जनहानि तथा पशुहानि का आंकड़ा शून्य है।
बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन और आवश्यक सामग्री पहुंचाने का अभियान भी बड़े स्तर पर जारी है। अब तक 4.66 लाख से अधिक लंच पैकेट बांटे जा चुके हैं। इसके अलावा 92,128 राहत खाद्य पैकेट प्रभावित लोगों तक पहुंचाए गए हैं, ताकि आवागमन बाधित होने के कारण संकट में फंसे परिवारों को भोजन की कमी न हो।
रेस्क्यू कार्यों के लिए प्रदेश में 1,977 नाव और मोटरबोट लगाई गई हैं। इनके जरिए जलभराव और बाढ़ से घिरे गांवों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ राहत सामग्री भी पहुंचाई जा रही है।
प्रभावित लोगों के ठहरने के लिए 1,313 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। इनमें वर्तमान में 6,538 लोगों को सुरक्षित ठिकाना मिला है। शरणालयों में रहने वाले लोगों के भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी की गई है।
बाढ़ के बाद जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय है। प्रदेश में 1,072 मेडिकल टीमें गठित की गई हैं। स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 6.13 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट तथा 2.17 लाख से ज्यादा ओआरएस पैकेट वितरित किए जा चुके हैं।
शनिवार को अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बदायूं, बलिया, बांदा, बाराबंकी, बस्ती, चंदौली, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, रायबरेली, संत कबीर नगर, रामपुर, शाहजहांपुर, सीतापुर, उन्नाव और वाराणसी सहित कई जिले बाढ़ से प्रभावित रहे।















