हैदराबाद, 05 सितंबर।
तेलंगाना में भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को ‘भू भारती’ के क्रियान्वयन के विरोध में हैदराबाद के धरना चौक पर प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भूमि रिकॉर्ड तथा संपत्ति पंजीकरण से जुड़े मामलों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ विरोध जताया।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि ‘भू भारती’ के तहत भूमि रिकॉर्ड से संबंधित व्यवस्था और कानून लागू किए गए हैं। इसके माध्यम से भूमि दस्तावेजों को सरकारी रिकॉर्ड और आधिकारिक रजिस्टर में दर्ज कराने की प्रक्रिया की गई है।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद ‘भू भारती’ और पंजीकरण अधिनियम की धारा 22-ए के तहत बड़ी संख्या में संपत्तियों को प्रतिबंधित सूची में शामिल कर दिया गया है। राव ने कहा कि जिन लोगों ने कठिनाइयों के बीच अपनी संपत्तियां खरीदी हैं, वे बिक्री और पंजीकरण पर रोक लगने से परेशान हैं।
रामचंद्र राव ने आरोप लगाया कि बिना उचित आधार किसानों की जमीन को धारा 22-ए की प्रतिबंधित सूची में डालना उनके अधिकारों के साथ अन्याय है। उन्होंने भूमि रिकॉर्ड और प्रतिबंधित संपत्तियों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पूर्ववर्ती भारत राष्ट्र समिति सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने ‘धरणी’ प्रणाली का काम एक प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर कंपनी को सौंपा था, जिसके दौरान कई अनियमितताएं हुईं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने के बाद ‘भू भारती’ पोर्टल के जरिए पूर्व सरकार की कथित गलतियों को सुधारने का वादा किया था।
राव ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली पिछली व्यवस्था से भी खराब साबित हो रही है। उन्होंने दावा किया कि पहले जमीनों को प्रतिबंधित सूची से हटाने के लिए 15 प्रतिशत कमीशन लिया जाता था और अब यह कथित तौर पर 30 प्रतिशत तक पहुंच गया है। भाजपा ने इन आरोपों को लेकर सरकार से जवाब और पारदर्शिता की मांग की।
धरना प्रदर्शन में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी, मलकाजगिरि के सांसद ईटेला राजेंद्र, राज्यसभा सांसद के. लक्ष्मण सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। पार्टी नेताओं ने ‘भू भारती’ से जुड़े प्रावधानों की समीक्षा करने और भूमि मालिकों की समस्याओं का समाधान करने की मांग उठाई।















