भोपाल, 05 सितंबर।
शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को प्रदेशभर के अतिथि शिक्षक राजधानी भोपाल में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे। अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के बैनर तले शाहजहानी पार्क में आयोजित आंदोलन के दौरान शिक्षकों की प्रमुख मांग अपने पदों को स्थायी करने की रहेगी।
संगठन का कहना है कि दो सितंबर 2023 को लाल परेड मैदान में आयोजित अतिथि शिक्षक पंचायत के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अतिथि शिक्षकों के हित में कई घोषणाएं की थीं। करीब तीन वर्ष बीतने के बाद भी इनमें से कई घोषणाओं पर ठोस अमल नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार के अनुसार, अतिथि शिक्षकों के लिए वार्षिक अनुबंध की व्यवस्था, शैक्षणिक सत्र के बीच बेरोजगार नहीं करने, गुरुजियों की तर्ज पर नीति बनाकर नियमित करने और सीधी भर्ती में बोनस अंक देकर स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने की घोषणाएं की गई थीं। संगठन का दावा है कि अधिकांश घोषणाएं अब तक पूरी तरह लागू नहीं हो सकी हैं।
परिहार ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक लंबे समय से स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके अनुसार केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी अलग-अलग अवसरों पर अतिथि शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने और उन्हें स्थायित्व देने की जरूरत का समर्थन कर चुके हैं।
संगठन का आरोप है कि इसके बावजूद नीति के स्तर पर अपेक्षित निर्णय नहीं लिए जाने से अतिथि शिक्षकों में नाराजगी बनी हुई है। प्रदर्शन के माध्यम से सरकार से स्पष्ट और ठोस नीति बनाने की मांग उठाई जाएगी।
करीब 70 हजार अतिथि शिक्षकों को लाभ मिलने का दावाअतिथि शिक्षक समन्वय समिति का दावा है कि पूर्व में की गई घोषणाओं को लागू करने पर प्रदेश के लगभग 70 हजार अतिथि शिक्षकों को इसका लाभ मिल सकता है। संगठन का कहना है कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षकों के रोजगार को स्थायी सुरक्षा मिलनी चाहिए।
परिहार ने कहा कि केवल घोषणाओं तक सीमित रहने के बजाय सरकार को अतिथि शिक्षकों के भविष्य को लेकर स्पष्ट निर्णय करना चाहिए। इसी मांग को लेकर शिक्षक दिवस पर प्रदेशभर के शिक्षक भोपाल में एकजुट होंगे।
नई नियुक्तियों के बीच रोजगार सुरक्षा की मांगस्कूल शिक्षा विभाग में सात हजार से अधिक पदों पर प्रस्तावित नियुक्तियों को लेकर भी संगठन ने अपनी चिंता रखी है। परिहार का दावा है कि विभाग ने नियुक्तियों के लिए ऐसा तालमेल तैयार किया है, जिससे वर्तमान में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के रोजगार पर व्यापक असर नहीं पड़ेगा।
संगठन ने मांग की है कि नई नियुक्तियों की प्रक्रिया के साथ लंबे समय से सेवाएं दे रहे अतिथि शिक्षकों के हितों को भी सुरक्षित रखा जाए।
महिला मोर्चा की कमान स्वाति श्रीवास्तव कोसंगठनात्मक पुनर्गठन के तहत अतिथि शिक्षक समन्वय समिति ने महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाया है। स्वाति श्रीवास्तव को महिला मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
संगठन को उम्मीद है कि महिला मोर्चा के गठन से अतिथि शिक्षिकाओं की समस्याओं और उनकी मांगों को भी अधिक प्रभावी ढंग से सामने रखा जा सकेगा।















