रीवा, 7 सितंबर।
रीवा के मेडिकल कॉलेज सभागार में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा को लेकर एक अहम बैठक बुलाई गई। राज्य के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए चिकित्सा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के स्पष्ट निर्देश दिए।
बैठक के दौरान गंभीर मरीजों के इलाज पर विशेष जोर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त को निर्देश दिए गए कि वे सभी मेडिकल कॉलेजों में क्रिटिकल मरीजों की मॉनिटरिंग और उपचार के लिए एक नया मॉड्यूल तैयार कर उसे तुरंत लागू करें।
अस्पतालों में डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों की जवाबदेही तय करने की बात भी प्रमुखता से कही गई। गंभीर रोगियों की देखरेख वरिष्ठ और विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा ही की जाए तथा नर्सों से लेकर सीनियर डॉक्टरों तक के कर्तव्यों की एक स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया बनाई जाए।
संजय गांधी अस्पताल के प्रसूति विभाग पर बढ़ते मरीजों के दबाव को कम करने पर भी मंथन हुआ। जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी सिजेरियन एवं गर्भवती महिलाओं के इलाज की पुख्ता व्यवस्था करने पर जोर दिया गया ताकि मुख्य अस्पताल पर अनावश्यक बोझ न पड़े।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े स्वास्थ्य आयुक्त ने सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने का भरोसा दिलाया। बैठक में कॉलेज के डीन, विभिन्न अस्पतालों के अधीक्षक और प्रमुख विभागाध्यक्ष भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।















