चेन्नई, 7 सितंबर।
तीन दिन के अवकाश के बाद सोमवार को तमिलनाडु विधानसभा का सत्र फिर से आरंभ हुआ, जो कि इस सत्र का चौदहवां दिन था। इस दौरान सदन में मुख्यमंत्री विजय ने पुलिस विभाग की अनुदान मांगों पर हुई लंबी चर्चा का विस्तृत उत्तर दिया।
बैठक के दौरान सरकार की तरफ से तीन नए और महत्वपूर्ण विधेयक सदन में प्रस्तुत किए गए। इनमें वेतन भुगतान, पंचायत कानून और मूल्य वर्धित कर से जुड़े संशोधन विधेयक शामिल हैं, जिन्हें मंजूरी के लिए रखा गया।
पुलिस और अग्निशमन के साथ-साथ पर्यावरण और वाणिज्यिक कर जैसे कई अन्य विभागों के कामकाज पर भी सदन में विचार-विमर्श हुआ। सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों के मुद्दों को मजबूती से उठाया और सरकार की नीतियों पर बात रखी।
सत्र का समापन मंगलवार को होना है, जिसके आखिरी दिन वित्त, सामान्य प्रशासन और पेंशन से जुड़ी अनुदान मांगों पर चर्चा होगी। इसके बाद सत्र से जुड़े बाकी विधायी कार्यों को पूरा किया जाएगा।
इस बीच, मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान बोलने का मौका न मिलने से खफा द्रमुक विधायकों ने सदन के भीतर भारी हंगामा किया। अध्यक्ष द्वारा अनुमति न दिए जाने पर वे विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर बाहर चले गए।















