एक माननीय पिछले कुछ दिनों से अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर खासे उत्साहित हैं। उत्साह में कुछ अति उत्साह वाले कदम भी उठा रहे थे।लेकिन पूर्व के माननीयों का हश्र देखकर आखिरकार सलाह लेने एक वरिष्ठ माननीय के दरबार में पहुंच गए। वहां से सलाह मिली है—उड़ान भरने में कोई हर्ज नहीं, लेकिन फिलहाल पंख फड़फड़ाने की आवाज थोड़ी धीमी रखिए।















