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07 Sep, 2026

नशे के नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार, 2026 से 2029 तक मिशन मोड में चलेगा अभियान: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नशे के नेटवर्क को तोड़ने और नशामुक्त युवा तैयार करने के लिए तीन वर्षीय राष्ट्रीय कार्ययोजना की घोषणा की।

पणजी, 7 सितंबर।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ भारत की लड़ाई वर्ष 2026 से 2029 के दौरान मिशन मोड में चलेगी। केंद्र सरकार ने समयबद्ध लक्ष्य तय करते हुए चार स्तंभों पर आधारित रणनीति के तहत 200 से अधिक कार्रवाई बिंदु निर्धारित किए हैं। इसका उद्देश्य मादक पदार्थों के नेटवर्क को ध्वस्त करना और नशे की मांग को कम करना है।

पणजी में पत्रकारों से चर्चा करते हुए शाह ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकता बनाया गया है। इसे केवल अलग-अलग एजेंसियों की कार्रवाई और मादक पदार्थों की जब्ती तक सीमित न रखकर देशव्यापी समन्वित अभियान का रूप दिया गया है।

सरकार ने जुलाई 2026 से जुलाई 2029 तक के लिए तीन वर्षीय कार्ययोजना तैयार की है। इसकी हर तीन महीने में समीक्षा होगी और अलग-अलग मंत्रालयों को मापने योग्य परिणामों के साथ जवाबदेही सौंपी गई है।

शाह ने कहा कि नशे के खिलाफ संघर्ष देश की सबसे बड़ी राष्ट्रीय लड़ाइयों में शामिल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य वर्ष 2047 तक विकसित भारत की मजबूत नींव के रूप में नशामुक्त युवा पीढ़ी तैयार करना है।

इस रणनीति के चार प्रमुख आधार खुफिया और अभियान आधारित कार्रवाई, रासायनिक पूर्ववर्ती पदार्थों तथा कृत्रिम मादक पदार्थों पर नियंत्रण, नशे की मांग और उससे होने वाले नुकसान में कमी तथा क्षमता निर्माण और बेहतर समन्वय हैं।

मादक पदार्थों के सरगनाओं की विस्तृत जानकारी तैयार की जाएगी। नेटवर्क के पीछे और आगे के संपर्कों का पता लगाया जाएगा तथा व्यावसायिक मात्रा में मादक पदार्थ मिलने वाले मामलों में वित्तीय जांच को मजबूत किया जाएगा।

सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, भारतीय तटरक्षक, सीमा शुल्क और राजस्व खुफिया निदेशालय सहित सुरक्षा एजेंसियां जोखिम आधारित पहचान करेंगी। भूमि सीमाओं, बंदरगाहों, हवाई अड्डों और माल ढुलाई केंद्रों पर जांच उपकरण लगाए जाएंगे।

केंद्रीय जांच ब्यूरो, विदेश मंत्रालय और अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन फरार आरोपितों को वापस लाने के लिए काम करेंगे। प्रवर्तन निदेशालय, वित्तीय खुफिया इकाई और बैंकिंग तंत्र मादक पदार्थों से जुड़े धन के स्रोत और उसके प्रवाह का पता लगाएंगे।

शाह ने बताया कि वर्ष 2019 से नशे के खिलाफ कार्रवाई को मजबूत करने के लिए चार स्तरीय मादक पदार्थ समन्वय तंत्र बनाया गया। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष नशा विरोधी कार्यबल का प्रारूप भी भेजा गया।

बड़े मादक पदार्थ नेटवर्क और उनके अंतरराज्यीय तथा अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों, राज्य सरकारों और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बढ़ाने के लिए संयुक्त समन्वय समिति का गठन किया गया।

उन्होंने कहा कि जांच में नीचे से ऊपर और ऊपर से नीचे, दोनों तरीके अपनाए जा रहे हैं। छोटे पैकेट की जब्ती होने पर उसके मूल स्रोत तक पहुंचने की जांच की जाती है। सीमा पर बड़ी खेप पकड़े जाने पर यह पता लगाया जाता है कि उसे छोटे पैकेटों के रूप में युवाओं तक कैसे पहुंचाया जाना था।

शाह के अनुसार वर्ष 2004 से 2014 के बीच करीब 40 हजार करोड़ रुपये मूल्य के 26 लाख किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए गए थे। वर्ष 2014 से 2026 के बीच यह आंकड़ा बढ़कर 1.19 करोड़ किलोग्राम से अधिक और मूल्य करीब 1.89 लाख करोड़ रुपये हो गया।

वर्ष 2004 से 2014 के दौरान 3.36 लाख किलोग्राम मादक पदार्थ नष्ट किए गए थे। वर्ष 2014 से 2026 के बीच 48.68 लाख किलोग्राम मादक पदार्थों को नष्ट किया गया।

सरकार ने मादक पदार्थों से जुड़े वित्तीय नेटवर्क पर भी कार्रवाई तेज की है। इसके लिए वित्तीय जांच पर केंद्रित विशेष कार्यबल बनाया गया है और अवैध मादक पदार्थ तथा मनोप्रभावी पदार्थों की तस्करी रोकने संबंधी कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है।

अंधे इंटरनेट, गुप्त संचार माध्यमों, डिजिटल मुद्रा लेन-देन और गुप्त स्थानों पर सामान छोड़ने जैसी प्रणालियों को निशाना बनाकर तकनीक आधारित जांच शुरू की गई है। नशा विरोधी कार्यबल के भीतर विशेष अंधे इंटरनेट और डिजिटल मुद्रा प्रकोष्ठ भी विकसित किया जा रहा है।

रासायनिक पूर्ववर्ती पदार्थों और कृत्रिम मादक पदार्थों से निपटने के लिए अंतर-मंत्रालयी तंत्र स्थापित किया गया है। पुनर्वास और रोकथाम के लिए नशे की गिरफ्त में आए युवाओं हेतु 1933 मानस सहायता सेवा शुरू की गई है तथा निदान पोर्टल के माध्यम से मादक पदार्थ अपराधियों का राष्ट्रीय डाटाबेस तैयार किया गया है।

नशामुक्त भारत अभियान के तहत 25 करोड़ नागरिकों से संपर्क कर उन्हें नशे के खिलाफ संकल्प दिलाया गया। उपचार और पुनर्वास प्रयासों के माध्यम से 5.7 लाख लोगों को नशामुक्त किया गया है।

शाह ने बताया कि राष्ट्रीय कैडेट कोर, राष्ट्रीय सेवा योजना और माय भारत मंच के माध्यम से लाखों नशामुक्ति मित्र तैयार करने की योजना है। सामाजिक न्याय, स्वास्थ्य और जेल प्रशासन विभागों के संयुक्त प्रयासों से नशामुक्ति केंद्रों की संख्या तीन गुना बढ़ाकर 1,751 की जाएगी और करीब 10 हजार स्वयंसेवक अभियान में सहयोग करेंगे।

हर राज्य में मार्च 2027 तक पूरी सुविधाओं से लैस नशा विरोधी कार्यबल स्थापित करने के लिए सात प्रतिशत केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। गृह मंत्रालय 30 दिनों के भीतर न्याय वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी करेगा।

शाह ने कहा कि भारत में विदेशियों का स्वागत है, लेकिन मादक पदार्थों के साथ आने वालों का नहीं। उन्होंने बताया कि सरकार मृत्यु त्रिकोण और मृत्यु अर्धचंद्र से जुड़े तस्करी मार्गों के खिलाफ चतुर्भुज दृष्टिकोण के तहत कार्रवाई कर रही है।

गृह मंत्री ने नशे के खिलाफ अभियान को आंतरिक सुरक्षा के व्यापक प्रयासों से जोड़ते हुए कहा कि सरकार ने आतंकवाद, नक्सलवाद और उग्रवाद से निपटने में भी इसी प्रकार की रणनीति अपनाई है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 से जुलाई 2026 तक 36 देशों से 274 फरार आरोपितों को भारत वापस लाया गया। इनमें आर्थिक अपराध, आतंकवाद, मादक पदार्थ और गिरोह से जुड़े अपराधों के आरोपित शामिल हैं।

पिछले तीन वर्षों में 401 रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए गए, जिनमें जुलाई तक वर्ष 2026 में जारी 182 नोटिस भी शामिल हैं। वर्ष 2019 से 2026 के बीच फरार आरोपितों की करीब 17,874 करोड़ रुपये की संपत्तियां सील या जब्त की गईं।

शाह ने आपराधिक न्याय और साइबर अपराध से निपटने की व्यवस्था मजबूत करने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से सुरक्षा के लिए 1930 सहायता सेवा प्रभावी माध्यम के रूप में उभरी है।

उन्होंने तीन नए आपराधिक कानूनों को लागू करने के लिए गोवा सरकार और पुलिस की सराहना की तथा कहा कि राज्य में दोषसिद्धि दर बढ़कर 53.2 प्रतिशत हो गई है।

गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर नशा विरोधी कार्ययोजना के लक्ष्य पूरे करेंगी। समयबद्ध तरीके से 25 घटकों और 200 से अधिक कार्रवाई बिंदुओं को लागू किया जाएगा।

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व्ययाधिक्य का अवसर आ सकता है। लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। बुद्घितत्व की सक्रियता से अल्प लाभ का हर्ष होगा। कुछ महत्वपूर्ण कार्य बनाने के लिए भाग-दौड़ रहेगी। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। रुका हुआ लाभ आज प्राप्त हो सकता है। धार्मिक स्थलों की यात्रा का योग। शुभांक-4-6-8

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