काठमांडू, 7 सितंबर।
नेपाल में प्राकृतिक आपदा के बाद सुरंगों के अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान बेहद पेचीदा और मुश्किल दौर से गुजर रहा है। एक साथ कई जगहों पर राहत कार्य चलाने पड़े हैं, जिसके चलते बचाव दलों के सामने भारी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
इस जटिल बचाव अभियान की कमान संभाल रहे जाने-माने ऑस्ट्रेलियाई सुरंग विशेषज्ञ और भूविज्ञानी प्रोफेसर अर्नोल्ड डिक्स ने इस संकट को अपने जीवन की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक बताया है। उनका कहना है कि नेपाल में इस वक्त जो हालात हैं, वे बेहद असाधारण और चुनौतीपूर्ण हैं।
इससे पहले भारत के उत्तराखंड में हुए चर्चित सिल्क्यारा सुरंग हादसे के वक्त 41 मजदूरों को सकुशल बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाने वाले डिक्स ने अपने उस पुराने अनुभव को याद किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से असंभव लगने वाले काम को भी मुमकिन बनाया जा सकता है।
बचाव कार्यों के अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे कठिन समय में सफलता की संभावनाओं की परवाह किए बिना लगातार सही दिशा में प्रयास करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि असली परीक्षा तब होती है जब हालात बेहद प्रतिकूल होने के बावजूद बचाव दल अपने काम में जुटे रहते हैं।
इस बीच भोटेकोशी के प्रभावित इलाकों में नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और तकनीकी विशेषज्ञों की टीमें लगातार मुस्तैद हैं। सुरंगों के भीतर फंसे लोगों का पता लगाकर उन्हें जीवनदान देने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास जारी हैं।















