बेंगलुरु, 7 सितंबर।
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका की अंतरिक्ष साझेदारी अब केवल सहयोग तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि दोनों देश मिलकर नई संभावनाओं का सृजन कर रहे हैं। दोनों देश उपकरणों की संयुक्त रूप से रूपरेखा तैयार करने, नवोद्यमों को वित्तीय सहयोग देने और मानव खोजों के भविष्य को आकार देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
बेंगलुरु अंतरिक्ष प्रदर्शनी 2026 में संबोधन के दौरान गोर ने कहा कि कुछ सप्ताह पहले बेंगलुरु में आयोजित भारत-अमेरिका नागरिक अंतरिक्ष संयुक्त कार्यसमूह की नौवीं बैठक में इस साझेदारी में आए बड़े बदलाव स्पष्ट रूप से सामने आए थे।
उन्होंने कहा कि अब दोनों देशों का रिश्ता केवल आंकड़ों और सूचनाओं के आदान-प्रदान तक नहीं है। भारत और अमेरिका मिलकर उपकरण विकसित करने, नवोद्यमों को सहयोग देने और अंतरिक्ष अनुसंधान के भविष्य को नई दिशा देने का काम कर रहे हैं।
गोर ने अंतरिक्ष को 21वीं सदी की वैश्विक अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार बताया। उनके अनुसार अंतरिक्ष आज नौवहन, संचार सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रशिक्षण और उन्नत विनिर्माण को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा में अमेरिका के पास विश्वस्तरीय निजी पूंजी और विकसित वाणिज्यिक व्यवस्था है। दूसरी ओर भारत के पास उत्कृष्ट अभियांत्रिकी क्षमता, असाधारण वैज्ञानिक प्रतिभा और साहसी नवोद्यम क्षेत्र मौजूद है।
गोर के अनुसार दोनों देशों की ये पूरक क्षमताएं मिलकर एक मजबूत साझेदारी तैयार करती हैं, जो आने वाले समय में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर सकती है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्थापित ट्रस्ट पहल में अंतरिक्ष क्षेत्र केंद्रीय भूमिका निभा रहा है। यह पहल रणनीतिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देने के उद्देश्य से बनाई गई है।
राजदूत ने बताया कि अमेरिका ने ट्रस्ट फेलोशिप शुरू की है और अमेरिकी कंपनियों तथा भारतीय नवोन्मेषकों के बीच वाणिज्यिक संबंध मजबूत करने के लिए बेंगलुरु में अपनी वाणिज्यिक सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध व्यापार, औषधि, प्रौद्योगिकी और सैन्य सहयोग सहित अनेक क्षेत्रों में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 240 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी ऐसे स्तर तक पहुंच रही है, जिसकी पहले कल्पना भी कठिन थी।
बेंगलुरु में आयोजित तीन दिवसीय अंतरिक्ष प्रदर्शनी में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इसका विषय नवाचार, नीति और विकास के माध्यम से वैश्विक प्रगति के लिए अंतरिक्ष की क्षमता का उपयोग है।
इस प्रदर्शनी में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियों को अपनी क्षमताएं प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। सम्मेलन में भारत सरकार, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र और न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड की उन प्रमुख पहलों पर भी चर्चा हो रही है, जिनका उद्देश्य नवोद्यमों, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग जगत को अंतरिक्ष क्षेत्र के विकास में सशक्त बनाना है।















