Naidunia Live
• टॉप न्यूज़ • मध्य प्रदेश • विज्ञान व प्रौद्योगिकी • अपराध • शिक्षा • संपादकीय • धर्म / अध्यात्म • वीडियो स्टोरी • मौसम • त्योहार • प्रेरक कहानियाँ
• वीडियो • न्यूज़ आर्काइव
संपादकीय
07 Sep, 2026

मंदिर में मोबाइल बैन से घटे युवा भक्त आस्था या सेल्फी का संकट

कांचीपुरम सहित तमिलनाडु के 52 मंदिरों में मोबाइल प्रतिबंध लागू होने के बाद युवा श्रद्धालुओं की संख्या में करीब 20 प्रतिशत कमी दर्ज की गई है।

कांचीपुरम, 07 सितंबर।

तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित देवराजस्वामी अथि वरदराज मंदिर समेत 52 मंदिरों में एक सितंबर से मोबाइल पर रोक लगा दी गई है। भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले के बाद मंदिरों में युवा श्रद्धालुओं की संख्या में 20 प्रतिशत तक गिरावट देखी गई है। मद्रास हाई कोर्ट के दिसंबर 2022 के आदेश के तहत हम सिर्फ उसे लागू कर रहे हैं, ऐसा मंदिर प्रशासन का कहना है। लेकिन इस फैसले ने एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया है कि क्या मंदिरों में श्रद्धा बची है या दिखावा हावी हो गया है।

पहले सेल्फी लेते थे, अब मंदिर आना कम कर दिया। पहले युवा सेल्फी लेते दिखते थे, अब ज्यादातर बुजुर्ग श्रद्धालु नजर आ रहे हैं। मोबाइल जमा करने वाले काउंटर पर पहले दिन लंबी लाइन थी, लेकिन अब वहां भी मिडिल एज और बुजुर्गों की संख्या ज्यादा है। इससे संकेत मिल रहा है कि कई युवा मंदिर आना कम कर रहे हैं। यह स्थिति सिर्फ वरदराज मंदिर की नहीं है। राज्य के कई बड़े मंदिरों में भी ऐसा ही असर दिख रहा है।

मंदिर प्रशासन का पक्ष क्या है? देवराजस्वामी मंदिर के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर आर. गणेशन ने फुटफॉल घटने की बात मानी, लेकिन फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मंदिरों में भक्तों की कमी मुख्य रूप से युवाओं में है। हमें अफसोस है, लेकिन मंदिर की पवित्रता इंस्टाग्राम के लिए कम नहीं की जा सकती। यह बैन मद्रास हाई कोर्ट के दिसंबर 2022 के आदेश के तहत है। हम सिर्फ उसे लागू कर रहे हैं। मद्रास हाई कोर्ट ने दिसंबर 2022 में तिरुचेंदूर सुब्रमणिया स्वामी मंदिर में स्मार्टफोन के दुरुपयोग से जुड़ी पीआईएल के बाद ऐसे बैन का निर्देश दिया था।

युवाओं की नाराजगी भी सामने आई है। परंपरा का सम्मान है, लेकिन फोन बिना अनुभव अधूरा। मंदिर की पार्किंग में चेन्नई के 23 साल के अरुण कुमार अपने तीन दोस्तों के साथ पहुंचे थे, लेकिन फोन जमा करने का नियम पता चलते ही उन्होंने कहा कि दादाजी अथि वरदराज के साथ आई थीं, लेकिन काउंटर देखकर बाहर ही रुक गईं। उन्होंने कहा कि दादाजी अथि वरदराज मंदिर में पहले भी आती थीं, लेकिन फोन अंदर नहीं ले जा सकते तो फोटो कैसे लेंगे। वेल्लोर की 19 साल की प्रिया राजेश भी परिवार के साथ आई थीं, लेकिन काउंटर देखकर बाहर ही रुक गईं। उन्होंने कहा कि दादाजी अथि वरदराज दर्शन के लिए आए थे, लेकिन मैं फोन में लगी पैसे की भी फोटो लेना चाहती थी।

यह पूरा मामला आस्था और तकनीक के टकराव का है। एक तरफ मंदिर प्रशासन और कोर्ट का कहना है कि मंदिर पूजा के लिए है, फोटो स्टूडियो के लिए नहीं। कई बार देखा गया है कि गर्भगृह के सामने लोग सेल्फी लेने लगते हैं, वीडियो कॉल पर दर्शन कराते हैं। इससे पुजारियों को मंत्रोच्चार में बाधा आती है और दूसरे भक्तों की एकाग्रता टूटती है। वहीं दूसरी तरफ युवा पीढ़ी का तर्क है कि जब तक फोटो नहीं लेंगे तो सोशल मीडिया पर अनुभव साझा कैसे करेंगे और यही अनुभव उन्हें दोबारा मंदिर आने के लिए प्रेरित करता है।

क्या मोबाइल बैन से श्रद्धा बढ़ेगी? इस सवाल का जवाब आसान नहीं है। अगर युवा केवल फोटो के लिए मंदिर आ रहे थे तो उनका आना कम होना स्वाभाविक है और यह अच्छी बात भी हो सकती है, क्योंकि मंदिर में भीड़ कम होने से वास्तविक भक्तों को शांतिपूर्वक दर्शन मिल सकेंगे। लेकिन अगर युवा पीढ़ी मंदिरों से ही दूर हो गई तो भविष्य में हमारी संस्कृति का क्या होगा, यह भी बड़ा सवाल है।

20 प्रतिशत की गिरावट छोटी नहीं है। इसका अर्थ है कि हर पांच में से एक युवा ने मंदिर आना बंद कर दिया या टाल दिया। यह आंकड़ा मंदिरों की अर्थव्यवस्था पर भी असर डालेगा। प्रसाद, फूल और चढ़ावे की बिक्री पर असर पड़ेगा। लेकिन मंदिर प्रशासन का मानना है कि यह अस्थायी है। धीरे-धीरे लोग आदत डाल लेंगे, जैसे पहले होता था।

पूर्ण प्रतिबंध के बजाय बीच का रास्ता निकाला जा सकता है। जैसे गर्भगृह के अंदर मोबाइल पूरी तरह बैन हो, लेकिन मंदिर परिसर के बाहरी हिस्से में एक निश्चित फोटो प्वाइंट बनाया जाए, जहां लोग फोटो ले सकें। कई बड़े मंदिरों में यह व्यवस्था सफल रही है। इससे पवित्रता भी बनी रहेगी और युवा भी जुड़े रहेंगे।

मोबाइल बैन का उद्देश्य पवित्रता बनाए रखना है, जो सही है। लेकिन पवित्रता के साथ-साथ भागीदारी भी जरूरी है। अगर युवा पीढ़ी ही मंदिर नहीं आएगी तो परंपरा आगे कैसे बढ़ेगी? कोर्ट और मंदिर प्रशासन को यह सोचना होगा कि नियम सख्ती के साथ-साथ सहूलियत भी दे, ताकि आस्था और तकनीक दोनों साथ चल सकें और मंदिर केवल बुजुर्गों का ही नहीं, युवाओं का भी केंद्र बना रहे।

|
वीडियो फीचर

शिवपुरी में शराब दुकान बंद कराने पहुंचीं महिलाओं का पुलिस से विवाद, लाठियां चलीं


पांढुरना में गोटमार परंपरा के नाम पर बरसे पत्थर, 700 पुलिसकर्मी तैनात

जहरीली शराब कांड का आरोपी रवि लखेरा एनकाउंटर में घायल, पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार

सागर जहरीली शराब कांड पर CM मोहन यादव का बड़ा बयान | दोषियों को ऐसा सबक सिखाएंगे!

भोपाल में जूनियर डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने का आंदोलन, सड़क जाम से भारी ट्रैफिक

शिक्षक दिवस पर CM मोहन यादव की बड़ी घोषणा, TET अभ्यर्थी दे सकेंगे ऑफलाइन परीक्षा

आज का राशिफल

व्ययाधिक्य का अवसर आ सकता है। लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। बुद्घितत्व की सक्रियता से अल्प लाभ का हर्ष होगा। कुछ महत्वपूर्ण कार्य बनाने के लिए भाग-दौड़ रहेगी। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। रुका हुआ लाभ आज प्राप्त हो सकता है। धार्मिक स्थलों की यात्रा का योग। शुभांक-4-6-8

आज का मौसम

भोपाल

22° / 31°

Partly sunny

ट्रेंडिंग न्यूज़