Naidunia Live
• टॉप न्यूज़ • मध्य प्रदेश • विज्ञान व प्रौद्योगिकी • अपराध • शिक्षा • संपादकीय • धर्म / अध्यात्म • वीडियो स्टोरी • मौसम • त्योहार • प्रेरक कहानियाँ
• वीडियो • न्यूज़ आर्काइव
सरकार व नीतियाँ
07 Sep, 2026

जेनेरिक से आगे नवाचार की छलांग, भारत को वैश्विक स्वास्थ्य नेतृत्व का लक्ष्य

पीयूष गोयल ने भारत के औषधि और स्वास्थ्य क्षेत्र से अनुसंधान, नवाचार तथा मजबूत वैश्विक आपूर्ति तंत्र के साथ नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का आह्वान किया।

नई दिल्ली, 7 सितंबर।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत को जेनेरिक दवाओं में मिली सफलता से आगे बढ़ते हुए अनुसंधान, विकास और नवाचार को नई ऊंचाइयों तक ले जाना होगा। साथ ही देश को मजबूत, विविध और वैश्विक स्तर पर जुड़े स्वास्थ्य आपूर्ति तंत्र का निर्माण कर विश्व के भरोसेमंद स्वास्थ्य सहयोगी के रूप में अपनी स्थिति सुदृढ़ करनी होगी।

नई दिल्ली में भारत स्वास्थ्य वैश्विक प्रदर्शनी-2026 को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि भारतीय औषधि क्षेत्र के पास अपनी क्षमता को दुनिया के सामने और व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का बड़ा अवसर है। विश्व की औषधि आपूर्ति में महत्वपूर्ण पहचान बना चुका भारत अब और बड़े तथा बेहतर भविष्य का लक्ष्य लेकर आगे बढ़े।

कार्यक्रम में वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद और वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल भी उपस्थित रहे।

मजबूत और विविध आपूर्ति तंत्र पर जोर

गोयल ने कहा कि दुनिया अब ऐसी आपूर्ति श्रृंखलाओं की तलाश में है, जो किसी एक या दो भौगोलिक क्षेत्रों पर अत्यधिक निर्भर न हों। ऐसे तंत्र की आवश्यकता है, जिसका किसी भी स्थिति में दबाव या हथियार के रूप में उपयोग न किया जा सके।

उन्होंने कहा कि औषधि आपूर्ति व्यवस्था में मजबूती और लचीलापन लौटाने का समय आ गया है। इसका अर्थ आत्मकेंद्रित व्यवस्था अपनाना नहीं है और भारत को हर वस्तु का घरेलू उत्पादन करने की आवश्यकता भी नहीं है।

जहां जरूरत होगी, वहां आयात जारी रहेगा, लेकिन आवश्यक उत्पाद कई देशों और कंपनियों से उपलब्ध होने चाहिए। इससे एक या दो देश अथवा कंपनियां उद्योगों की निरंतरता को प्रभावित करने की स्थिति में नहीं रहेंगी।

वैश्विक सोच अपनाने की जरूरत

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत को यह समझना होगा कि अन्य देश भी अपनी आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे में भारतीय औषधि उद्योग को वैश्विक और व्यापक दृष्टिकोण अपनाना होगा।

उन्होंने कहा कि कुछ देशों में भारतीय औषधि कंपनियों को अंतिम स्तर तक आपूर्ति, स्थानीय मूल्य संवर्धन और रोजगार सृजन के लिए निवेश करना पड़ सकता है। अफ्रीकी देशों में भी इस दिशा में संभावनाएं मौजूद हैं।

जेनेरिक से आगे अनुसंधान और नवाचार की ओर बढ़े उद्योग

गोयल ने कहा कि जेनेरिक दवाओं के क्षेत्र में भारत की उपलब्धि औषधि उद्योग के निरंतर और सक्रिय प्रयासों का परिणाम है। हालांकि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केवल इसी सफलता पर संतुष्ट नहीं रहा जा सकता।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य के लिए भारत को अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देना होगा। देश को अपने उत्पाद विकसित कर उनका पेटेंट कराना चाहिए और अनुसंधान व नवाचार को प्रोत्साहित करने वाली सरकारी योजनाओं का प्रभावी उपयोग करना चाहिए।

उन्होंने औषधि उद्योग से अनुसंधान एवं विकास में अग्रणी भूमिका निभाने और अनुसंधान तथा विकास नवाचार कोष जैसी पहलों का लाभ उठाने का आह्वान किया।

चिकित्सा यात्रा के क्षेत्र में बड़ी संभावना

गोयल ने चिकित्सा के लिए होने वाली अंतरराष्ट्रीय यात्रा को महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र में करीब आठ अरब अमेरिकी डॉलर खर्च किए जाते हैं। भारतीय अस्पताल आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस हैं तथा देश के चिकित्सक, तकनीशियन और नर्स भी श्रेष्ठ क्षमता रखते हैं।

उन्होंने इस क्षेत्र को मिशन के रूप में आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई। भारतीय स्वास्थ्य सेवाओं की कहानी को दुनिया तक पहुंचाकर वैश्विक बाजार में अधिक हिस्सेदारी हासिल करने के प्रयास तेज किए जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार भारतीय चिकित्सा सेवाओं को विश्व के लोगों तक पहुंचाने के लिए संबंधित सरकारी पहलों के माध्यम से सहयोग देने को तैयार है। उद्योग जगत से जल्द प्रस्ताव लेकर आगे आने का भी आग्रह किया गया।

स्वास्थ्य उद्योग को ऊंचे लक्ष्य रखने होंगे

पीयूष गोयल ने कहा कि पिछले 40 वर्ष औषधि उद्योग के लिए महत्वपूर्ण रहे हैं, लेकिन अब क्षेत्र को वर्तमान उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उद्योग को अधिक बड़े लक्ष्य तय कर भविष्य की नई संभावनाओं की ओर बढ़ना होगा।

उन्होंने कहा कि सरकार औषधि और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए आधारभूत ढांचे का विस्तार कर रही है। आंध्र प्रदेश, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में थोक दवा पार्कों की परियोजनाओं पर काम हो रहा है।

देश में 100 नए औद्योगिक पार्क भी विकसित किए जा रहे हैं, जहां आवश्यकता के अनुसार औषधि और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए विशेष क्षेत्र उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

चिकित्सा उपकरणों के घरेलू निर्माण पर जोर

गोयल ने कहा कि चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में भारत में प्रयास हुए हैं, लेकिन अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है। केवल उपकरणों को जोड़ने तक सीमित रहने के बजाय उनके पुर्जों और पूरे चिकित्सा उपकरण तंत्र का घरेलू उत्पादन बढ़ाना होगा।

उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम उद्यम पुर्जों तथा उपकरणों के घरेलू निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। बड़ी कंपनियां उत्पादन का व्यापक स्तर तैयार कर सकती हैं।

आयुष उत्पादों को वैज्ञानिक प्रमाण की जरूरत

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आयुष भारत की पारंपरिक चिकित्सा और ज्ञान व्यवस्था का प्रतिनिधित्व करता है, लेकिन देश अभी भी कच्ची जड़ी-बूटियों का निर्यात कर रहा है।

उन्होंने आयुष उत्पादों को वैश्विक स्तर पर व्यापक स्वीकार्यता दिलाने के लिए उनके वैज्ञानिक परीक्षण और प्रमाण को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। सरकार पहले से इस दिशा में प्रयास कर रही है।

वैश्विक स्वास्थ्य मंच बन सकती है भारत स्वास्थ्य प्रदर्शनी

गोयल ने कहा कि औषधि क्षेत्र भारत की सबसे बड़ी शक्तियों में शामिल है और इससे जुड़े विभिन्न वर्गों को एक साझा मंच पर लाना महत्वपूर्ण है। अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग सम्मेलन करने के बजाय एकीकृत मंच से व्यापक सहयोग को बढ़ावा मिल सकता है।

उन्होंने कहा कि ऐसा मंच 50 देशों और दुनिया भर से करीब एक हजार लोगों की भागीदारी आकर्षित कर सकता है। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र के सभी पक्षों को एक साथ विकास, उपलब्धियों और श्रेष्ठ कार्यों को समझने का अवसर मिलेगा।

गोयल ने कहा कि भारतीय उद्योग प्रतिस्पर्धी है और उसके पास उत्कृष्ट प्रतिभा मौजूद है। अब आवश्यकता अधिक महत्वाकांक्षा, ऊंचे लक्ष्यों और विभिन्न क्षमताओं को एक साथ जोड़ने की है।

उन्होंने कहा कि भारत स्वास्थ्य जैसी पहल विभिन्न संगठनों को एक मंच पर लाकर सहयोग और समन्वय को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य स्वास्थ्य क्षेत्र के मजबूत कंधों पर भी टिका है। इस क्षेत्र की जिम्मेदारी देश के 140 करोड़ लोगों को स्वस्थ जीवन, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण दवाएं, रोगों की रोकथाम और उपचार की प्रभावी व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

|
वीडियो फीचर

शिवपुरी में शराब दुकान बंद कराने पहुंचीं महिलाओं का पुलिस से विवाद, लाठियां चलीं


पांढुरना में गोटमार परंपरा के नाम पर बरसे पत्थर, 700 पुलिसकर्मी तैनात

जहरीली शराब कांड का आरोपी रवि लखेरा एनकाउंटर में घायल, पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार

सागर जहरीली शराब कांड पर CM मोहन यादव का बड़ा बयान | दोषियों को ऐसा सबक सिखाएंगे!

भोपाल में जूनियर डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने का आंदोलन, सड़क जाम से भारी ट्रैफिक

शिक्षक दिवस पर CM मोहन यादव की बड़ी घोषणा, TET अभ्यर्थी दे सकेंगे ऑफलाइन परीक्षा

आज का राशिफल

व्ययाधिक्य का अवसर आ सकता है। लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। बुद्घितत्व की सक्रियता से अल्प लाभ का हर्ष होगा। कुछ महत्वपूर्ण कार्य बनाने के लिए भाग-दौड़ रहेगी। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। रुका हुआ लाभ आज प्राप्त हो सकता है। धार्मिक स्थलों की यात्रा का योग। शुभांक-4-6-8

आज का मौसम

भोपाल

22° / 31°

Partly sunny

ट्रेंडिंग न्यूज़