सागर, 7 सितंबर।
सागर जिले में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। 112 से अधिक लोगों का सागर जिला अस्पताल और भोपाल में उपचार जारी है। मामले में मुख्य ठेकेदार सहित 30 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है और अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सोमवार सुबह उपचार के दौरान महेश रावत, श्याम बाई अहिरवार और कृष्ण कुमार लोधी की मौत हो गई। इससे पहले भोपाल ले जाए गए रामप्रसाद लोधी ने रविवार देर रात दम तोड़ दिया था। उनके पिता गोविंद लोधी की भी रविवार को मौत हो गई थी। रामप्रसाद के छोटे भाई भूरे लोधी का सागर अस्पताल में इलाज चल रहा है।
गूगरा खुर्द निवासी भगवान सिंह, खटोरा के गोपाल आदिवासी और मुड़ना के देश कुमार लोधी की भी इस घटना में जान जा चुकी है। शुरुआती जांच में सप्लाई की गई शराब में मेथेनॉल की मिलावट सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार नौराज ग्राम पंचायत के ततरवारा गांव में लंबे समय से अवैध शराब बनाने का काम चल रहा था।
मामले में बंडा और बिनायका थानों में 25 से अधिक नामजद आरोपियों समेत अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें दुकानदार, लाइसेंसी ठेकेदार, सहयोगी और शराब सप्लाई से जुड़े लोगों को आरोपी बनाया गया है।
घटना के बाद बंडा क्षेत्र में पक्ष और विपक्ष के नेताओं का लगातार पहुंचना जारी है। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित जिले के विधायक और सांसद भी क्षेत्र में पहुंचे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले में कड़ी कार्रवाई की बात कही है। प्रशासन ने फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को ग्वालियर संबद्ध किया है। इसके साथ ही सागर आबकारी विभाग के अधिकारियों, बंडा थाना प्रभारी और गूगरा चौकी प्रभारी को प्रभाव से निलंबित किया गया है।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं। जैसीनगर के अनुविभागीय दंडाधिकारी को जांच अधिकारी बनाया गया है। जांच में घटना के कारणों, अमानक शराब के स्रोत और प्रशासनिक व नियामकीय स्तर पर संभावित लापरवाही की पड़ताल कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।















