कोलकाता, 07 सितंबर।
तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य मोहम्मद नदीमुल हक से जुड़े दिल्ली, कोलकाता और रांची के सात ठिकानों पर सोमवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय ने एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया। कार्रवाई सुबह करीब छह बजे शुरू हुई। एजेंसी की अलग-अलग टीमें सांसद के आवास, कार्यालयों और उनसे जुड़े अन्य परिसरों में पहुंचीं।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, जांच का केंद्र वित्तीय लेन-देन, धन के स्रोत और कथित संदिग्ध आर्थिक गतिविधियां हैं। प्रवर्तन निदेशालय धन के प्रवाह और उससे संबंधित लेन-देन के बीच संभावित संबंधों की भी पड़ताल कर रहा है।
जांच के दायरे में एक समाचार पत्र और अन्य प्रकाशनों से जुड़े कुछ आरोप भी बताए जा रहे हैं। मोहम्मद नदीमुल हक का नाम कोलकाता से प्रकाशित एक उर्दू दैनिक समाचार पत्र से जुड़ा है, जिसके उन्हें निदेशक बताया जाता है। जानकारी के अनुसार, इस समाचार पत्र के अन्य शहरों से भी संस्करण प्रकाशित होते हैं।
प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने कोलकाता के पार्क सर्कस स्थित समाचार पत्र के कार्यालय में भी तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान कार्यालय बंद रहा और सुरक्षा व्यवस्था के बीच अधिकारियों ने दस्तावेजों तथा अन्य अभिलेखों की जांच की। परिसर के आसपास केंद्रीय बल भी तैनात रहे।
सूत्रों के मुताबिक, तलाशी अभियान के दौरान वित्तीय रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य संबंधित अभिलेख खंगाले जा रहे हैं। एजेंसी कथित संदिग्ध लेन-देन और धन के स्रोतों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।
प्रारंभिक जानकारी में इस मामले का संबंध बिधाननगर थाने में दर्ज एक प्रकरण से बताया गया है। हालांकि, जांच से जुड़े आरोपों और उनके सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। दस्तावेजों की जांच और आगे की पड़ताल के बाद मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट होने की संभावना है।
प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली, कोलकाता और रांची में कुल सात परिसरों पर एक साथ कार्रवाई की। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। तलाशी पूरी होने तक किसी जब्ती, गिरफ्तारी या जांच के अगले चरण को लेकर एजेंसी की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई थी।
मोहम्मद नदीमुल हक पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य हैं। उनके परिसरों और उनसे जुड़े प्रतिष्ठानों पर हुई कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। फिलहाल जांच जारी है और वित्तीय लेन-देन तथा आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।















