भोपाल, 7 सितंबर।
मध्य प्रदेश में सेवा से हटाए गए करीब पांच हजार पेसा मोबिलाइजरों का विरोध लगातार जारी है। अंबेडकर पार्क मैदान में 24 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना और महाआंदोलन किया जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में पेसा मोबिलाइजर आंदोलन में शामिल होने भोपाल पहुंचे हैं।
पंचायत राज संचालनालय के 18 मई के आदेश के बाद पेसा मोबिलाइजरों की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। इसके विरोध में भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा।
आंदोलन में गर्भवती महिलाएं, विधवाएं और नवजात बच्चों की माताएं भी शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पिछले चार वर्षों से वे आदिवासी क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने का काम कर रहे थे। इसके साथ ही वे सरकारी योजनाओं की जानकारी घर-घर पहुंचाकर ग्रामीणों को शासन की योजनाओं से जोड़ते रहे हैं।
उनका कहना है कि बिना पूर्व सूचना और कारण बताए सेवा समाप्त किए जाने से हजारों परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। पेसा मोबिलाइजरों की भर्ती वर्ष 2021 में की गई थी, जिसे सरकार ने 18 मई के आदेश के माध्यम से निरस्त कर दिया।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, सेवा से हटाए गए पेसा मोबिलाइजरों में करीब 80 प्रतिशत आदिवासी महिलाएं हैं। ये महिलाएं ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लोगों को शासन की योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराती थीं। सेवा समाप्त होने के विरोध में उनका धरना और महाआंदोलन जारी है।















