नई दिल्ली, 08 सितंबर।
मणिपुर के प्रतिभाशाली गिटार वादक चोंगथम विक्रम सिंह की रविवार रात कथित तौर पर आठ लोगों द्वारा बेरहमी से पिटाई किए जाने के बाद मौत हो गई। 55 वर्षीय विक्रम सिंह ने इलाज के दौरान सोमवार सुबह करीब साढ़े छह बजे दम तोड़ दिया।
परिवार के अनुसार, रविवार रात करीब 11 बजे कुछ लोग कथित रूप से नशे की हालत में उनके घर के बाहर हंगामा कर रहे थे। उन्हें रोकने के लिए विक्रम सिंह नीचे गए थे। कुछ मिनट बाद वह अर्धचेतन अवस्था में घर के दरवाजे पर पहुंचे और दरवाजा खोलने के लिए आवाज लगाने लगे।
उनके 20 वर्षीय बेटे याइफाबा ने उन्हें गंभीर हालत में देखा। उनकी कमीज फटी हुई थी और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने बताया कि उनका रक्तचाप 50 मिलीमीटर पारे से नीचे पहुंच गया था। हालत अत्यंत गंभीर होने के कारण उनकी शल्य चिकित्सा नहीं हो सकी और सोमवार सुबह उनकी मृत्यु हो गई।
इंफाल पश्चिम के थांगमेइबंद लौरुंग पुरेल लैकाई निवासी विक्रम सिंह करीब दो दशक पहले दिल्ली आए थे। संगीत को अपना जीवन बनाने वाले विक्रम सिंह मणिपुर के कई संगीत समूहों में मुख्य गिटार वादक रह चुके थे। दिल्ली में उन्होंने संगीत विद्यालय शुरू किया, घर पर विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया और दिल्ली संगीत विद्यालय में भी पढ़ाया।
अपने संगीत सफर में उन्होंने राजस्थान के लोक गायक मामे खान के साथ रॉक एंड रूट्स परियोजना में काम किया। इसके अलावा कई प्रतिष्ठित संगीतकारों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों और संगीत समारोहों में भी भाग लिया।
विक्रम सिंह अपने पीछे पत्नी ज्योत्सना और बेटे याइफाबा को छोड़ गए हैं। उनकी 86 वर्षीय मां चोंगथम ओंगबी कमला देवी शास्त्रीय और आधुनिक मणिपुरी संगीत की प्रसिद्ध गायिका हैं। परिवार ने 96 वर्षीय पिता को बेटे की मौत की जानकारी नहीं दी है।
मणिपुरी संगठनों ने कहा कि शव परीक्षण पूरा होने के बाद भी न्याय मिलने तक शव को मणिपुर नहीं भेजा जाना चाहिए। पूर्वोत्तर के छात्र संगठनों, मित्रों और परिवार के सदस्यों ने सनलाइट कॉलोनी थाने के बाहर प्रदर्शन कर न्याय की मांग की।















