धार, 8 सितंबर।
वाग्देवी की नगरी धार के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। आजादी के बाद पहली बार जिले की धरती पर यात्री ट्रेन पहुंची। टांडा रोड रेलवे स्टेशन से गुजरात के प्रतापनगर-वडोदरा के लिए 12 कोच वाली मेमू यात्री ट्रेन रवाना हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा में आयोजित कार्यक्रम से इसका वर्चुअल शुभारंभ किया। टांडा रोड स्टेशन पर केंद्रीय राज्यमंत्री एवं धार सांसद सावित्री ठाकुर ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।
इस ऐतिहासिक पल को देखने के लिए स्टेशन पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। अपने क्षेत्र में पहली बार यात्री ट्रेन पहुंचने और उसमें सफर करने को लेकर स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नई रेल सुविधा से यात्री और माल परिवहन को मजबूती मिलेगी तथा मध्यप्रदेश और गुजरात के बीच संपर्क बेहतर होगा। इससे उद्योग, व्यापार और पर्यटन के साथ क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
18 साल सात महीने के लंबे इंतजार के बाद धार-छोटा उदयपुर नई रेल लाइन परियोजना के एक हिस्से पर यात्री सेवा शुरू हुई है। इस परियोजना की आधारशिला तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 8 फरवरी 2008 को झाबुआ में रखी थी। प्रधानमंत्री मोदी ने जोबट और टांडा रोड के बीच करीब 28 किलोमीटर लंबे नवनिर्मित रेलखंड का लोकार्पण किया। इसके साथ ही टांडा रोड से प्रतापनगर-वडोदरा के बीच मेमू यात्री सेवा शुरू हो गई।
मध्यप्रदेश और गुजरात के दूरस्थ इलाकों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टांडा रोड से आगे डेकाकुंड तक तैयार रेल लाइन के कारण क्षेत्र पहली बार सीधे यात्री रेल नेटवर्क से जुड़ गया है।
अब तक टांडा क्षेत्र से गुजरात जाने के लिए सड़क मार्ग ही प्रमुख साधन था। स्थानीय जानकारी के अनुसार करीब 20 बसों से प्रतिदिन लगभग एक हजार लोग गुजरात की यात्रा करते हैं। बस से छह से सात घंटे लगते हैं और करीब 450 रुपये खर्च होते हैं। रेल सेवा से यह सफर चार से पांच घंटे में पूरा होने की उम्मीद है। संभावित किराया करीब 45 रुपये बताया जा रहा है, हालांकि रेलवे की ओर से आधिकारिक किराया घोषित किया जाना बाकी है। इससे मजदूरों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और ग्रामीणों को आर्थिक राहत मिलने की संभावना है।
नई रेल सेवा से धार और आसपास के जनजातीय क्षेत्रों के लिए अवसरों के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है। गंधवानी क्षेत्र के घोर नरवाली सहित आसपास के कई आदिवासी गांव रेल संपर्क से जुड़ेंगे। रोजगार के लिए गुजरात जाने वाले श्रमिकों की यात्रा आसान होगी। विद्यार्थियों को शिक्षा केंद्रों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी और मरीजों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं वाले शहरों तक जाना भी सरल हो सकेगा।
रेल संपर्क से स्थानीय कारोबार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलने की संभावना है। कृषि उत्पादों और अन्य स्थानीय वस्तुओं को बड़े बाजारों तक पहुंचाना आसान होगा। गुजरात और मध्यप्रदेश के बीच बेहतर संपर्क से व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
धार सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर ने इसे जिले के लिए ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से देखा जा रहा रेल का सपना अब साकार हुआ है। उनके अनुसार नई सेवा से कम खर्च में आवागमन संभव होगा और लोगों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। गुजरात में इलाज कराने जाने वाले मरीजों को भी इसका लाभ मिलेगा।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जोबट-टांडा क्षेत्र के लिए विकास की नई दिशा खुली है। छोटा उदयपुर-धार नई रेल लाइन परियोजना के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में शुरू हुई यह रेल सेवा जनजातीय अंचल में व्यापार, रोजगार, पर्यटन और विकास की संभावनाओं को आगे बढ़ाएगी।
टांडा रोड स्टेशन पर इस अवसर पर उत्सव जैसा माहौल रहा। स्टेशन को विशेष रूप से सजाया गया था। ट्रेन पहुंचते ही लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहली बार अपने क्षेत्र में यात्री ट्रेन को देखा और गुजरात के लिए रवाना होते हुए उसका स्वागत किया।
हालांकि इस उपलब्धि के बावजूद जिला मुख्यालय धार शहर को नियमित रेल सेवा के लिए अभी इंतजार करना होगा। टांडा रोड स्टेशन धार शहर से करीब 46 किलोमीटर दूर है और आगे के हिस्से में रेल निर्माण कार्य जारी है। इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत धार-पीथमपुर रेल लाइन का ट्रायल पूरा हो चुका है, लेकिन नियमित यात्री सेवा शुरू होना अभी बाकी है। ऐसे में धार जिले में रेल संपर्क की यह शुरुआत एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है।















