भोपाल, 8 सितंबर।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों की स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन मंगलवार को भी पूरी तरह जारी है। मुख्यमंत्री आवास की तरफ बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल के विरोध में ये इंटर्न डॉक्टर कमला पार्क के पास सड़क पर ही पूरी रात धरने पर बैठे रहे। अब इस आंदोलन को जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन यानी जेडीए का भी खुला समर्थन मिल चुका है, जिसके चलते मंगलवार को हमीदिया अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टर नियमित ओपीडी और इलेक्टिव ओटी का बहिष्कार कर रहे हैं, हालांकि मरीजों की सुविधा के लिए आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह चालू रखी गई हैं।
जेडीए मध्यप्रदेश के उपाध्यक्ष अनुराग भारती के मुताबिक प्रशासन के साथ हुई चर्चा के बावजूद इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों पर पूरी तरह डटे हुए हैं। उनकी मांग है कि स्टाइपेंड में तुरंत बढ़ोतरी की जाए और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग करने वालों की जवाबदेही तय करके उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस पूरी घटना के बाद से चिकित्सक समुदाय में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।
विभिन्न संगठनों ने भी इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीय ने रात में ही धरना स्थल पर पहुंचकर डॉक्टरों का समर्थन किया और कहा कि मांगों का समाधान न होने पर पूरा चिकित्सक समुदाय इंटर्न के साथ खड़ा रहेगा। इसके अलावा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी पुलिस के रवैये की आलोचना करते हुए घायलों के मुफ्त इलाज और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
फएइमा इंडिया के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. आकाश सोनी ने सरकार से बल प्रयोग का रास्ता छोड़ने की अपील करते हुए कहा कि अन्य राज्यों की तरह संवाद के जरिए इस समस्या का सार्थक समाधान निकाला जाना चाहिए। डॉक्टरों का साफ कहना है कि जब तक सरकार की तरफ से कोई ठोस सकारात्मक आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।















