मध्य प्रदेश, 08 सितम्बर।
प्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने के लिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे शैक्षणिक वीडियो अब 9 सितंबर से ई-ज्ञानसेतु यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध होंगे। उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार मंगलवार शाम 5 बजे इन वीडियो के प्रकाशन का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण गूगल मीट और ई-ज्ञानसेतु यूट्यूब चैनल के माध्यम से किया जाएगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रदेश के संभागीय मुख्यालयों में स्थापित 10 डिजिटल स्टूडियो के जरिए स्नातक स्तर के विभिन्न विषयों और पाठ्यक्रमों के लिए अध्ययन सामग्री तैयार की जा रही है। इस पहल के तहत कला, विज्ञान और वाणिज्य समेत विभिन्न विषयों के वीडियो व्याख्यान बनाए जा रहे हैं।
अब तक 2,305 शैक्षणिक वीडियो की रिकॉर्डिंग पूरी की जा चुकी है, जिनमें से 954 वीडियो का संपादन कार्य पूरा हो गया है। विद्यार्थियों के लिए अध्ययन सामग्री को अधिक उपयोगी और रोचक बनाने के उद्देश्य से वीडियो में ग्राफिक्स और डिजिटल दृश्य सामग्री का प्रयोग किया गया है। इनके निर्माण में शैक्षणिक और विषयगत गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया है।
प्रदेश के सरकारी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में कार्यरत प्राध्यापक तथा सहायक प्राध्यापक इन वीडियो को तैयार कर रहे हैं। वीडियो को विद्यार्थियों तक पहुंचाने से पहले उनकी विषयवस्तु, पाठ्यक्रम के अनुरूपता और शैक्षणिक गुणवत्ता की जांच की जाती है। सत्यापन बोर्ड से परीक्षण और मंजूरी मिलने के बाद ही इन्हें ई-ज्ञानसेतु यूट्यूब चैनल पर प्रकाशित किया जाएगा।
डिजिटल अध्ययन सामग्री तैयार करते समय प्रदेश की भाषाई विविधता का भी ध्यान रखा गया है। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए बघेली, बुंदेली, मराठी और संस्कृत सहित क्षेत्रीय भाषाओं में भी वीडियो बनाए गए हैं। इससे अलग-अलग भाषाई पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों तक उनकी सुविधा के अनुसार अध्ययन सामग्री पहुंच सकेगी।
मंत्रालय में आयोजित बैठक के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री परमार के समक्ष तैयार शैक्षणिक वीडियो प्रस्तुत किए गए थे। इस दौरान हुई चर्चा के बाद उन्होंने वीडियो को जल्द ई-ज्ञानसेतु यूट्यूब चैनल पर अपलोड कर विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
ई-ज्ञानसेतु पर उपलब्ध वीडियो के माध्यम से विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट और अन्य डिजिटल उपकरणों पर अध्ययन कर सकेंगे। इससे वे विषयों को दोहरा सकेंगे, कठिन विषयों को फिर से समझ सकेंगे और अपनी गति के अनुसार पढ़ाई कर पाएंगे।
शैक्षणिक वीडियो के निर्माण, संपादन और सत्यापन की प्रक्रिया लगातार जारी है। जिन वीडियो का सत्यापन पूरा होता जाएगा, उन्हें चरणबद्ध तरीके से ई-ज्ञानसेतु यूट्यूब चैनल पर प्रकाशित किया जाएगा। इस पहल से प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण डिजिटल अध्ययन सामग्री की पहुंच और अधिक व्यापक होने की उम्मीद है।















