बिश्केक, 08 सितंबर।
ईरान ने भारत के साथ अपने संबंधों को बेहद अच्छा बताते हुए कहा है कि तेहरान भारत के साथ रिश्तों को विशेष महत्व देता है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंधों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि भारत शंघाई सहयोग संगठन और ब्रिक्स दोनों का सदस्य है तथा व्यापार और आर्थिक सहयोग समेत विभिन्न क्षेत्रों में ईरान के भारत के साथ अच्छे संबंध हैं।
बघाई का यह बयान नई दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक भारत की अध्यक्षता में होने वाले 18वें ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन से पहले आया है। उन्होंने कहा कि ईरान इस सम्मेलन के अवसर का उपयोग भारत के साथ आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत आगे बढ़ाने के लिए करेगा।
उन्होंने चाबहार बंदरगाह को दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत और ईरान के बीच विचार-विमर्श के दौरान इस विषय समेत कई मुद्दों पर चर्चा होती है। उनके अनुसार, दोनों देशों के संबंध लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की 31 अगस्त को बिश्केक में मुलाकात हुई थी। पश्चिम एशिया में इस वर्ष युद्ध शुरू होने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली बैठक थी।
ईरान के साथ भारत की बढ़ती बातचीत पर अमेरिका की नजर भी बनी हुई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हाल में कहा था कि भारत और ईरान के बीच मुलाकात का उद्देश्य किसी व्यापार समझौते की दिशा में बढ़ना नहीं था।
उन्होंने देशों को अपनी विदेश नीति अपनाने की बात कहते हुए यह चेतावनी भी दी थी कि ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले देशों पर अमेरिका प्रतिबंध लगा सकता है।















