मुंबई, 8 सितंबर।
फिल्मकार नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण' में रणबीर कपूर द्वारा भगवान श्रीराम का किरदार निभाने पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। पौराणिक धारावाहिक बनाने वाले रामानंद सागर के पौत्र शिव सागर ने इस कास्टिंग को लेकर अपनी खुली असहमति व्यक्त की है। उनका कहना है कि फिल्म 'एनिमल' में रणबीर के द्वारा निभाए गए किरदार और उनकी उस ऑन-स्क्रीन छवि को देखने के बाद, उन्हें पर्दे पर श्रीराम के रूप में स्वीकार कर पाना मानसिक रूप से काफी कठिन लगता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी यह आपत्ति रणबीर के बेहतरीन अभिनय कौशल पर बिल्कुल नहीं है, बल्कि उनकी पिछली फिल्मों के कारण बनी एक खास छवि से जुड़ी हुई है।
सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार, शिव सागर ने यह बात कही है कि उन्हें इस प्रोजेक्ट की बाकी स्टार कास्ट काफी पसंद आई है, मगर मुख्य भूमिका के लिए रणबीर का चुनाव उन्हें थोड़ा अटपटा लगा है। उनके मुताबिक, मर्यादा पुरुषोत्तम राम के पावन किरदार के वास्ते किसी बिल्कुल नए चेहरे को मौका दिया जाना बेहतर रहता। उन्होंने इस ओर भी इशारा किया कि हो सकता है मेकर्स द्वारा रणबीर को यह रोल देने के पीछे कोई सोची-समझी मार्केटिंग रणनीति हो, क्योंकि एक बड़े स्टार के जुड़ने से फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच चर्चा और हाइप बनी रहती है।
शिव सागर ने फिल्म 'रामायण' के अन्य कलाकारों जैसे सीता के रूप में चुनी गईं साई पल्लवी और रावण का किरदार निभा रहे यश की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि साई पल्लवी जैसी साफ-सुथरी छवि वाली अभिनेत्रियों को प्रोजेक्ट में लाना एक सही कदम है, जिन पर किसी तरह की विवादित पुरानी छवि का साया न हो। हालांकि, उन्होंने इस बात को भी पूरी विनम्रता से स्वीकार किया कि किसी भी फिल्म का भविष्य तय करने वाली अंततः जनता ही होती है। उनके अनुसार यदि दर्शक सिनेमाघरों में रणबीर को राम के रूप में सराहते हैं, तो फिर उनकी व्यक्तिगत आपत्ति का कोई खास मतलब नहीं रह जाएगा क्योंकि जनता ही असली राजा है और आखिरी फैसला उसी का होता है।















