नई दिल्ली, 8 सितंबर।
देश में खरीफ फसलों की बुआई का कुल रकबा 1086.31 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। 4 सितंबर तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में दलहन तथा जूट और मेस्ता की खेती का क्षेत्र बढ़ा है। दूसरी ओर धान, मोटे अनाज, तिलहन, गन्ना और कपास के रकबे में मामूली गिरावट दर्ज की गई है।
कृषि मंत्रालय के अनुसार धान की बुआई 421.82 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो पिछले वर्ष के 438.19 लाख हेक्टेयर की तुलना में 16.37 लाख हेक्टेयर कम है। कर्नाटक, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, झारखंड और महाराष्ट्र में धान का क्षेत्रफल घटा है। असम और ओडिशा में इसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई।
दलहन का रकबा बढ़कर 117.13 लाख हेक्टेयर हो गया है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 115.30 लाख हेक्टेयर था। उत्तर प्रदेश में 3.97 लाख हेक्टेयर की सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई। झारखंड, तेलंगाना, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी दलहन का क्षेत्र बढ़ा, हालांकि महाराष्ट्र और कर्नाटक में कमी रही।
श्रीअन्न और मोटे अनाजों की बुआई 181.39 लाख हेक्टेयर में हुई, जो पिछले वर्ष से 1.09 लाख हेक्टेयर कम है। कर्नाटक और महाराष्ट्र में बड़ी कमी के बावजूद राजस्थान, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश, बिहार और उत्तर प्रदेश में रकबा बढ़ा है।
तिलहन का कुल क्षेत्रफल 191.99 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1.07 लाख हेक्टेयर कम है। राजस्थान और गुजरात में कमी प्रमुख रही, वहीं उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
गन्ने का रकबा 58.47 लाख हेक्टेयर रहा, जिसमें 0.40 लाख हेक्टेयर की कमी आई। जूट और मेस्ता का क्षेत्रफल बढ़कर 6.34 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है और बिहार तथा पश्चिम बंगाल में वृद्धि दर्ज की गई।
कपास की बुआई 109.17 लाख हेक्टेयर में हुई, जो पिछले वर्ष से 0.69 लाख हेक्टेयर कम है। राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में कपास का रकबा घटा, जबकि तेलंगाना और गुजरात में इसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई।















