जोधपुर, 8 सितंबर।
राजस्थान के जोधपुर कमिश्नरेट पश्चिम क्षेत्र के अंतर्गत साइबर ठगी के दो बड़े मामले प्रकाश में आए हैं, जहां शातिर साइबर अपराधियों ने बैंक खातों में सेंधमारी करते हुए दो लाख रुपये से अधिक की भारी-भरकम राशि पर हाथ साफ कर दिया है। इस संबंध में एसओजी के माध्यम से जीरो नंबर पर एफआईआर दर्ज करने के बाद अब संबंधित थानों को मामले की जांच सौंप दी गई है, जिसमें पीड़ितों में एक कामकाजी व्यक्ति और एक बुजुर्ग महिला शामिल हैं।
भगत की कोठी थाना पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, मधुबन हाउसिंग बोर्ड डीडीपी नगर निवासी गौतम चंद गौड़ ने बताया कि गत 28 अगस्त को उनकी माताजी सुमित्रा देवी के बैंक खाते से फोन-पे के जरिए किसी अन्य अज्ञात खाते में एक लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए गए थे, जिसकी भनक तक उन्हें नहीं लगी थी। इस संदिग्ध और अवैध निकासी के सामने आने के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस से पूरी बैंक डिटेल खंगालने की गुहार लगाई है।
इस मामले की तफ्थिश कर रहे सहायक उप निरीक्षक अरमोश सिंह अब बैंक खातों के लेन-देन, फोन-पे के डिजिटल रिकॉर्ड और संदिग्ध मोबाइल नंबरों की कड़ियों को आपस में जोड़ने में लगे हैं ताकि यह साफ हो सके कि रकम किस खाते में और किन तरीकों से पहुंचाई गई है।
दूसरी घटना सरदारपुरा थाना क्षेत्र की है, जहां मोटर गैराज खानपुर झालावाड़ के मूल निवासी और हाल ही में सरदारपुरा बी रोड पर रहने वाले नौकरीपेशा सुरेश कुमार पुत्र बाबूलाल तंबोली को ठगी का शिकार बनाया गया। पीड़ित के अनुसार गत 17 अगस्त को किसी अज्ञात ठग ने उनके बैंक खाते से एक लाख रुपये की नकदी धोखाधड़ी कर उड़ा ली, जिसकी ऑनलाइन शिकायत उन्होंने पहले ही साइबर पोर्टल पर दर्ज करा दी थी और अब स्थानीय पुलिस इस पूरे प्रकरण की गहराई से पड़ताल कर रही है।















