तेहरान, 08 सितंबर।
ईरान ने बढ़ते आर्थिक दबावों के बीच अधिक मात्रा में पेट्रोल खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए कीमतें बढ़ा दी हैं। दिसंबर के बाद देश में ईंधन की कीमतों में यह दूसरी वृद्धि है।
नई व्यवस्था के तहत महीने में निर्धारित 110 लीटर से अधिक पेट्रोल खरीदने वाले लोगों को अब प्रति लीटर एक लाख रियाल चुकाने होंगे। यह दिसंबर से लागू कीमत की तुलना में दोगुनी राशि है।
यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब ईरानी मुद्रा लगातार कमजोर हो रही है और लोगों की क्रय शक्ति में कमी आ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल की बढ़ी कीमतों से महंगाई पर और दबाव बढ़ सकता है।
देश पहले से ही करीब 67 प्रतिशत की वार्षिक मुद्रास्फीति से जूझ रहा है। ऐसे में ईंधन महंगा होने का असर आम लोगों के खर्च पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
ईरान में सस्ता पेट्रोल लंबे समय से लोगों के अधिकार जैसा माना जाता रहा है। ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी पहले भी बड़े विरोध प्रदर्शनों का कारण बन चुकी है।
वर्ष 1964 में पेट्रोल के दाम बढ़ने के बाद व्यापक प्रदर्शन हुए थे। उस दौरान टैक्सी चालकों की हड़ताल के बीच शाह को सड़कों पर उनकी जगह सैन्य वाहनों को उतारना पड़ा था।















