सागर, 08 सितंबर।
मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से 22 लोगों की मौत के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला किया और सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रदेश की कानून-व्यवस्था तथा प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा कि मध्य प्रदेश में शासन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने दवा, पानी और शराब तक के जहरीले होने का उल्लेख करते हुए सरकार पर केवल घटनाओं के बाद कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ गिरफ्तारियां और निलंबन तो होते हैं, लेकिन स्थायी बदलाव दिखाई नहीं देता।
इधर, स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सागर पहुंचे। दोनों नेताओं ने अस्पताल में भर्ती लोगों से मुलाकात की और प्रभावित परिवारों का हाल जाना।
प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए बंडा की एसडीएम आरती यादव और एसडीओपी प्रदीप बाल्मीकि को उनके पदों से हटा दिया गया है। पुलिस ने मामले में 30 लोगों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज की है। शुरुआती जांच में ‘बंबइया व्हिस्की’ और ‘सागर गोल्ड’ नाम के दो शराब ब्रांड सामने आए हैं, जिनकी बिक्री गांवों में किराना दुकानों, ढाबों और अवैध ठिकानों से होने की बात सामने आई है।
बंडा थाना क्षेत्र में अनूप सिंह लोधी की शिकायत पर लाइसेंसी ठेकेदार यशवंत सिंह ठाकुर, मनीष लोधी, आशीष साहू और जुझार लोधी समेत 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं विनायका थाना क्षेत्र में सुरेंद्र लोधी की शिकायत के आधार पर लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा, ततरवारा सरपंच चंदू उर्फ चंद्रभान राजपूत और राम सिंह लोधी समेत 10 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
प्राथमिकियों के मुताबिक बिचौलियों और ठेकेदारों के कर्मचारियों ने देशी शराब के फॉर्मूले से नकली शराब तैयार करवाई थी। बाजार कीमत से 20 से 30 रुपये सस्ती होने के कारण ग्रामीणों ने इसका सेवन किया। इसके बाद उल्टी, आंखों से धुंधला दिखाई देने और शरीर में झटके आने जैसी शिकायतें सामने आईं। बंडा के ग्राम बमूरा में एक ही परिवार के गोविंद सिंह लोधी और उनके बड़े बेटे रामप्रसाद की मौत हो गई, जबकि छोटा बेटा अस्पताल में उपचाराधीन है।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जैसीनगर एसडीएम को मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में अमानक शराब के निर्माण, भंडारण और वितरण के साथ विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। एहतियात के तौर पर बरेठी, बंडा, शाहगढ़, मगरधा, विनायका, दलपतपुर और बरायठा की सात शराब दुकानों को सील कर नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। सूत्रों के अनुसार शासन ने मृतकों के स्वजन को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
इस मामले में अवैध शराब की आपूर्ति को लेकर नया विवाद भी सामने आया है। सागर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के ललितपुर से शराब की सप्लाई होने का दावा किया था, लेकिन ललितपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कालू सिंह ने इसे भ्रामक बताया है। उनका कहना है कि वहां इस तरह की अवैध शराब तैयार नहीं की जा रही है और सागर पुलिस के पास कोई ठोस साक्ष्य हों तो उन्हें साझा किया जाए, ताकि संयुक्त कार्रवाई की जा सके।















