नई दिल्ली, 8 सितंबर।
राजधानी दिल्ली के दक्षिण इलाके स्थित सत्य निकेतन क्षेत्र में हाल ही में ढही बहुमंजिला इमारत के मामले में पुलिस कार्रवाई तेज हो गई है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने इस हादसे के मुख्य आरोपी और बिल्डिंग के पीजी का प्रबंधन देखने वाले महेश गुप्ता को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
इस बीच, बीती मध्य रात्रि को ड्यूटी मजिस्ट्रेट भव्य करहैल के समक्ष पेश किए जाने के बाद कोर्ट ने गिरफ्तार किए गए महेश के माता-पिता हरिराम गुप्ता और ऊर्मिला गुप्ता को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, इस हादसे के तीनों आरोपियों को गत सात सितंबर को गिरफ्तार किया गया था, जिसमें हरिराम गुप्ता भारतीय वायु सेना के सेवानिवृत्त सार्जेंट हैं और संपत्ति के कागजात उन्हीं के परिवार से जुड़े हैं।
दर्दनाक रूप से सामने आए इस हादसे में अब तक कुल सात मासूम लोगों की जान जा चुकी है, वहीं बचाव दल द्वारा कुल 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए नगर निगम को उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए थे। साथ ही मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय की खंडपीठ ने राज्य सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा था कि सरकार इस गंभीर हादसे की जिम्मेदारी से किसी भी सूरत में बच नहीं सकती है।
यह पूरी दुर्घटना दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के बेहद करीब स्थित 'हॉस्टल डेज ब्वॉयज पीजी' में घटी थी, जो बेसमेंट समेत कुल छह मंजिला इमारत थी। छह सितंबर को दोपहर के वक्त हुए इस भीषण हादसे के बाद से प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार बचाव तथा जांच के कार्यों में जुटी हुई हैं।















