ऑस्ट्रेलिया, 08 सितंबर।
नौसेना प्रमुख का पद संभालने के बाद एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन अपने पहले विदेश दौरे पर 9 सितंबर से ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा करेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के साथ भारत के सहयोग को और मजबूत करना है। यात्रा के दौरान वह दोनों देशों के वरिष्ठ नेतृत्व और रक्षा अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
ऑस्ट्रेलिया दौरे में एडमिरल स्वामीनाथन रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। जुलाई में आयोजित तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन और जून में हुई दूसरी भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा मंत्रियों की वार्ता के बाद यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों को नई मजबूती देने वाली मानी जा रही है। रक्षा और सुरक्षा के साथ समुद्री सुरक्षा एवं क्षेत्रीय सहयोग के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच साझेदारी लगातार बढ़ रही है।
बैठकों में दोनों नौसेनाओं के बीच मौजूदा सहयोग की समीक्षा की जाएगी। परिचालन समन्वय, आपसी संचालन क्षमता, सूचना आदान-प्रदान, प्रशिक्षण और पेशेवर सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा होगी। नौसेना प्रमुख ऑस्ट्रेलिया में महत्वपूर्ण परिचालन और प्रशिक्षण केंद्रों का भी दौरा करेंगे, जहां समुद्री क्षमताओं, आधुनिक तकनीक और सैन्य शिक्षा से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
इसके बाद न्यूजीलैंड दौरे के दौरान एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन वहां के वरिष्ठ नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। जुलाई में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा के बाद दोनों देशों के संबंधों को नई गति मिली है। उस दौरान भारत और न्यूजीलैंड ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने तथा रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी।
न्यूजीलैंड में होने वाली बैठकों में दोनों नौसेनाओं के बीच परिचालन सहयोग, सूचना साझा करने, प्रशिक्षण और पेशेवर आदान-प्रदान को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान रहेगा। नौसेना प्रमुख वहां के प्रमुख परिचालन एवं प्रशिक्षण स्थलों का दौरा करने के साथ रॉयल न्यूजीलैंड नेवी के अधिकारियों और पेशेवर सैन्य शिक्षा प्राप्त कर रहे कर्मियों से भी संवाद करेंगे।
यह यात्रा भारत और न्यूजीलैंड के बीच हाल में बनी समुद्री सहयोग व्यवस्था की पृष्ठभूमि में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह व्यवस्था दोनों देशों के बीच व्यावहारिक समुद्री सहयोग के लिए व्यापक आधार प्रदान करती है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा भारत के बढ़ते रक्षा एवं समुद्री संबंधों को आगे बढ़ाने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा तथा स्थिरता के लिए सहयोग मजबूत करने की दिशा में अहम कदम होगी।















