नई दिल्ली, 08 सितंबर।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कार्यप्रणाली में मानव संसाधन और व्यवस्थाओं के प्रबंधन को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की पुस्तक के हिंदी और अंग्रेजी अनुवाद का मंगलवार को नई दिल्ली में लोकार्पण किया गया। गडकरी ने इस अवसर पर कहा कि संघ में प्रबंधन की समझ पारंपरिक कक्षाओं या उपदेशों से नहीं, बल्कि दैनिक शाखाओं, संस्कारों और व्यावहारिक कार्यप्रणाली के माध्यम से स्वाभाविक रूप से विकसित होती है।
मूल रूप से मराठी भाषा में प्रकाशित पुस्तक ‘संघातील मानवी व्यवस्थापन: एक स्वयंसेवकाच्या नजरेतून’ के हिंदी और अंग्रेजी संस्करण रूपा पब्लिकेशंस ने प्रकाशित किए हैं। हिंदी संस्करण का नाम ‘आरएसएस में मानव संसाधन प्रबंधन: मेरे अनुभव और सीख’ रखा गया है। नई दिल्ली के मोतीलाल नेहरू प्लेस में आयोजित कार्यक्रम में गडकरी ने मीडिया और अन्य गणमान्य लोगों से भी चर्चा की।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की कार्यपद्धति से टीम तैयार करने, जिम्मेदारियों के उचित विभाजन, अधिकारों के विकेंद्रीकरण तथा वित्तीय लेखा-परीक्षा के साथ कार्य निष्पादन के मूल्यांकन की समझ विकसित होती है। संघ की कार्यशैली में व्यक्ति को व्यवहारिक अनुभवों के माध्यम से संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाने के लिए तैयार किया जाता है।
पुस्तक में संघ के इतिहास अथवा प्रमुख व्यक्तित्वों का पारंपरिक विवरण देने के बजाय शाखा व्यवस्था, मानव संसाधन विकास, सेवा भावना और कार्यकर्ताओं के प्रबंधन की पद्धति का विश्लेषण किया गया है। इसमें भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप मानव संसाधन प्रबंधन, सामूहिक कार्यशैली और कार्यकुशलता को समझने का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया है।
गडकरी ने कहा कि दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति और समर्पित टीम के बल पर सीमित संसाधनों में भी बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि लोक निर्माण विभाग के 19 हजार कर्मचारी 3,600 करोड़ रुपये का बजट संभालते थे, वहीं महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम ने केवल 49 लोगों की समर्पित टीम के साथ 8,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं पूरी कीं।















