दुबई, 09 सितंबर।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दुबई प्रवास का तीसरा दिन निवेश के मोर्चे पर बेहद ऐतिहासिक और सफल रहा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने निवेशकों के साथ कई बैठकों में हिस्सा लिया और शहरी विकास, हरित ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स तथा शिक्षा जैसे क्षेत्रों पर चर्चा की। दौरे के इस तीसरे दिन मध्य प्रदेश को विभिन्न औद्योगिक समूहों से 53 हजार करोड़ रुपये से अधिक के भारी-भरकम निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
दुबई प्रवास के तीसरे दिन मुख्यमंत्री की गतिविधियों में शारजाह चैंबर के साथ संवाद, अत्याधुनिक सुविधाओं का अवलोकन और निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठकें शामिल थीं। इस दौरान मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित एआईएम इन्वेस्टमेंट अवॉर्ड्स में विनर एशिया के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह गौरवशाली सम्मान निवेश संवर्धन और सतत विकास में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए यूएई के विदेश व्यापार मंत्री द्वारा प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री ने पूर्वाहन सत्र में दुनिया भर के दिग्गज निवेशकों और उद्योग समूहों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ व्यक्तिगत बैठकें कीं। इन चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की निवेश क्षमताओं को दुनिया के सामने रखना था। राणा होल्डिंग्स, जेम्स एजुकेशन, प्योर हेल्थ, शराफ ग्रुप, डीपी वर्ल्ड और वीएफएस ग्लोबल जैसे प्रतिष्ठित समूहों के प्रतिनिधियों ने इन बैठकों में हिस्सा लेकर राज्य में अपनी नई परियोजनाओं की रूपरेखा रखी।
राणा होल्डिंग्स के साथ हुई विस्तृत चर्चा के दौरान ग्रीन हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा, डेटा सेंटर और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर काम करने पर सहमति बनी। कंपनी ने राज्य में ऊर्जा और डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में लगभग पैंतीस हजार दो सौ करोड़ रुपये के भारी निवेश की इच्छा जताई। इसके अलावा एनआईडीआई सर्विसेज के साथ अट्ठारह हजार करोड़ रुपये के एआई कंप्यूट कैंपस प्रोजेक्ट पर भी विचार-विमर्श हुआ।

जेम्स एजुकेशन के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्कूल और एडटेक परिसरों की स्थापना पर बातचीत की गई। इसके अलावा प्योर हेल्थ के प्रतिनिधियों के साथ मल्टी स्पेशियलिटी अस्पतालों और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर चर्चा हुई। शराफ ग्रुप और डीपी वर्ल्ड के अधिकारियों के साथ लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य की निवेश अनुकूल नीतियां, मजबूत आधारभूत ढांचा और बेहतर लॉजिस्टिक्स निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। पिछले ढाई वर्षों के दौरान प्रदेश को चौंतीस लाख करोड़ से अधिक के प्रस्ताव मिले हैं जिनमें से तीस प्रतिशत से ज्यादा परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश ग्यारह प्रतिशत से अधिक की विकास दर के साथ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
अपने इस दौरे के अंत में मुख्यमंत्री ने तमाम वैश्विक निवेशकों को आगामी जनवरी महीने में भोपाल में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शामिल होने के लिए सादर आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश देश का हृदय है और यहां आने वाले हर निवेशक का स्वागत पूरे खुले दिल से किया जाएगा।















