मोकी, 09 सितंबर।
एएचएफ जूनियर एशिया कप 2026 के अपने अंतिम पूल मुकाबले में गत चैंपियन भारत ने चीनी ताइपे के खिलाफ ऐतिहासिक और धमाकेदार प्रदर्शन किया है। बुधवार को खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम ने विरोधी टीम को पंद्रह-शून्य के विशाल अंतर से करारी शिकस्त दी। इस शानदार जीत के साथ ही भारतीय टीम ने टूर्नामेंट के सेमीफाइनल दौर में अपनी पुख्ता जगह बना ली है।
मैच के शुरुआती पंद्रह मिनट यानी पहले क्वार्टर में चीनी ताइपे की मजबूत रक्षापंक्ति ने भारतीय हमलों को रोके रखा और स्कोर शून्य पर अटका रहा। हालांकि इसके बाद के तीन क्वार्टर में भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर पूरी तरह अपना दबदबा कायम कर लिया। कप्तान अनमोल एक्का ने अकेले छह गोल दागकर इस महाजीत में सबसे अहम भूमिका निभाई।
पूल-ए के अपने इस आखिरी चरण के मुकाबले में पाँच बार की विजेता भारतीय टीम ने तीन शानदार जीत और एक मुकाबले को ड्रॉ खेलते हुए कुल दस अंक हासिल किए। इसके साथ ही टीम तालिका में शीर्ष स्थान पर काबिज हो गई। दूसरी तरफ दक्षिण कोरिया ने जापान को तीन-दो से हराकर नौ अंकों के साथ पूल में दूसरा स्थान प्राप्त किया और अगले दौर में प्रवेश किया।
मुकाबले की शुरुआत में चीनी ताइपे की रणनीति ने सबको चौंका दिया था, क्योंकि वे लगातार भारतीय आक्रमणों को नाकाम कर रहे थे। पहले क्वार्टर के बाद मुख्य कोच फ्रेडरिक सोएज ने खिलाड़ियों में नया जोश भरा और उन्हें अधिक आक्रामक होकर खेलने की हिदायत दी। कोच की इस सीख का असर दूसरे ही क्वार्टर में मैदान पर साफ नजर आने लगा।
भारतीय खेमे की तरफ से सत्रहवें मिनट में खाता खुला और उसके तुरंत बाद प्रभदीप सिंह ने बढ़त को दोगुना कर दिया। इसके बाद गोल करने का जो सिलसिला शुरू हुआ उसने ताइपे के खिलाड़ियों को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। कप्तान अनमोल एक्का ने पेनल्टी कॉर्नर का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए एक के बाद एक कई गोल दागे।
मध्यांतर तक भारतीय टीम छह-शून्य की मजबूत बढ़त बना चुकी थी, लेकिन तीसरे क्वार्टर में उनका आक्रामक रवैया और अधिक आक्रामक हो गया। कप्तान अनमोल ने शानदार खेल दिखाते हुए अपनी हैट्रिक पूरी की और स्कोर को व्यक्तिगत रूप से चार तक पहुँचा दिया। इसके बाद अजीत यादव ने भी एक शानदार मैदानी गोल कर टीम की बढ़त को और मजबूत कर दिया।
अंतिम और चौथे क्वार्टर में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी फिटनेस और खेल कौशल का शानदार नमूना पेश किया। हरपाल ने मैच के दौरान दो बेहतरीन गोल दागे जबकि अन्य खिलाड़ियों ने भी स्कोरबोर्ड में अपना योगदान दिया। अंततः भारत ने पंद्रह-शून्य के ऐतिहासिक अंतर से मैच अपने नाम किया।
भारतीय टीम की इस बड़ी जीत में कप्तान अनमोल के छह गोल सबसे बड़ा आकर्षण रहे, लेकिन यह पूरी टीम के सामूहिक और अनुशासित प्रयास का परिणाम था। पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने की उनकी कला और पूरे मैच के दौरान बनाए रखा गया आक्रामक दबाव इस जीत की मुख्य वजह रही।















