रायपुर, 9 सितंबर।
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले बुधवार को एक दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर पहुंचे। यहां उन्होंने आरक्षण को लेकर कहा कि देश से जातिवाद पूरी तरह समाप्त हो जाए तो वह आरक्षण छोड़ने के लिए तैयार हैं, लेकिन जातिगत भेदभाव बने रहने तक आरक्षण व्यवस्था जारी रहनी चाहिए।
रायपुर के स्टेट गेस्ट हाउस ‘पहुना’ में आयोजित पत्रकार वार्ता में आठवले ने कहा कि भारत में आरक्षण की व्यवस्था जाति आधारित सामाजिक ढांचे से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों में आज भी दलितों और आदिवासियों के साथ अत्याचार की घटनाएं होती हैं।
उन्होंने कहा कि जब तक समाज में जातिवाद मौजूद है, तब तक आरक्षण की जरूरत बनी रहेगी। ऐसे में आरक्षण का विरोध करने के बजाय जातिवाद समाप्त करने के लिए प्रयास किया जाना चाहिए।
आठवले ने दलितों के मुद्दे पर कांग्रेस और विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास केवल टिप्पणी करने का काम रह गया है और देश के विकास को लेकर कोई दृष्टिकोण नहीं है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार दलितों की सेवा और उन्हें न्याय दिलाने के लिए काम कर रही है।
‘आरक्षण हटाओ’ अभियानों पर प्रतिक्रिया देते हुए आठवले ने कहा कि आरक्षण समाप्त करने की मांग करने वालों को पहले जातिवाद खत्म करने की पहल करनी चाहिए। उनका कहना था कि जातिवाद खत्म होने पर लाभार्थी स्वयं आरक्षण का दावा छोड़ देंगे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार जाति आधारित जनगणना कराने के पक्ष में है। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि वर्ष 2011 में कांग्रेस की सरकार के दौरान जातिगत जनगणना क्यों नहीं कराई गई।
आठवले ने बताया कि वह रायपुर और बिलासपुर में सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण से संबंधित विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा के लिए पहुंचे हैं। इस दौरान निगम और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें की जा रही हैं, ताकि यह देखा जा सके कि केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सही तरीके से पहुंच रहा है या नहीं।















