हरिद्वार, 9 सितंबर।
देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में बीएचईएल हरिद्वार ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की कैगा परियोजना के लिए 700 मेगावाट क्षमता वाले टर्बो जनरेटर स्टेटर का निर्माण पूरा कर उसे रवाना कर दिया गया।
बीएचईएल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में परमाणु ऊर्जा निगम के एसोसिएट निदेशक विवेक अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर स्टेटर को रवाना किया। इस दौरान बीएचईएल हरिद्वार के महाप्रबंधक दिनेश सिंह, एन.एस. राणा और कपिल यादव मौजूद रहे। अग्रवाल ने सफलतापूर्वक उपकरण तैयार करने और भेजने के लिए बीएचईएल की सराहना की।
उन्होंने कहा कि इतने बड़े और जटिल उपकरण का निर्माण तथा उसका सफल प्रेषण संस्थान की तकनीकी क्षमता और आधुनिक विनिर्माण दक्षता को दर्शाता है।
बीएचईएल के अनुसार 700 मेगावाट का यह टर्बो जनरेटर स्टेटर पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से तैयार किया गया है। इसे ऐसी क्षमता के साथ विकसित किया गया है कि ऊंचे तापमान और चुनौतीपूर्ण विद्युत ग्रिड परिस्थितियों में भी यह अधिकतम दक्षता से बिजली उत्पादन में सक्षम रहे।
स्टेटर का अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप परीक्षण किया गया, जिसमें यह सफल रहा। कंपनी के मुताबिक यह उपलब्धि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना को मजबूती देती है। देश में ही इस तरह के बड़े और जटिल उपकरण तैयार होने से महंगे विदेशी उपकरणों के आयात और विदेशी मुद्रा खर्च को कम करने में भी मदद मिलेगी।
700 मेगावाट क्षमता के स्वदेशी स्टेटर का निर्माण देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके जरिए बड़े विद्युत उपकरणों के लिए विदेशी निर्भरता कम करने की दिशा में भी मजबूती मिलेगी।















