श्रीनगर, 9 सितंबर।
सक्सेना इस समय जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल का कार्यभार भी संभाल रहे हैं।
केंद्र सरकार ने 5 सितंबर को न्यायमूर्ति भाटी की मुख्य न्यायाधीश पद पर नियुक्ति की अधिसूचना जारी की थी। इससे पहले अगस्त में सर्वोच्च न्यायालय की कॉलेजियम ने राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के तौर पर कार्यरत भाटी के नाम की सिफारिश इस पद के लिए की थी।
न्यायमूर्ति भाटी ने राजस्थान उच्च न्यायालय की जोधपुर पीठ में सेवा कानून, जनहित याचिका, चुनाव, राजस्व और खनन से जुड़े मामलों में वकालत की। इसके अलावा शिक्षा, पंचायती राज, परिवार, आपराधिक और अन्य मामलों से संबंधित रिट क्षेत्राधिकार में भी उन्होंने काम किया।
वह 13 अक्टूबर 2008 से 29 दिसंबर 2008 तक तथा 6 जनवरी 2014 से पदोन्नति तक राजस्थान उच्च न्यायालय में अतिरिक्त महाधिवक्ता रहे। उन्होंने केंद्रीय विद्यालय संगठन, तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम तथा राजस्थान सरकार के श्रम और आयुर्वेद विभाग के लिए पैनल वकील के रूप में भी सेवाएं दीं।
न्यायमूर्ति भाटी ने भारतीय रिजर्व बैंक, जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर समेत कई संस्थाओं का प्रतिनिधित्व किया है। वह 16 वर्षों तक भारतीय रेलवे के स्थायी वकील भी रहे। उन्हें 16 नवंबर 2016 को राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था।














