Naidunia Live
• टॉप न्यूज़ • मध्य प्रदेश • विज्ञान व प्रौद्योगिकी • अपराध • शिक्षा • संपादकीय • धर्म / अध्यात्म • वीडियो स्टोरी • मौसम • त्योहार • प्रेरक कहानियाँ
• वीडियो • न्यूज़ आर्काइव
न्यायपालिका
09 Sep, 2026

ईसाई महिला हिंदू विवाह अधिनियम के तहत वैवाहिक अधिकार नहीं मांग सकती: मद्रास उच्च न्यायालय की युगल पीठ का महत्वपूर्ण निर्णय

मद्रास उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि ईसाई महिला हिंदू पुरुष के खिलाफ हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 9 के तहत वैवाहिक अधिकारों की बहाली की मांग नहीं कर सकती।

चेन्नई, 9 सितंबर।

मद्रास उच्च न्यायालय की युगल पीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि ईसाई महिला हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के तहत वैवाहिक अधिकारों की बहाली की मांग नहीं कर सकती। न्यायमूर्ति पी.टी. आशा और न्यायमूर्ति एन. माला की पीठ ने एस. रानी बनाम संपत मामले में यह निर्णय सुनाया।

मामले में महिला का दावा था कि 10 जुलाई 2008 को विल्लुपुरम के पास एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से उसका विवाह हुआ था। उसने आरोप लगाया कि बाद में पति ने उसके साथ क्रूरता की और सास-ननद ने मारपीट की। महिला के अनुसार उसे ससुराल से भी निकाल दिया गया था।

महिला ने पति के साथ दोबारा रहने के लिए परिवार न्यायालय, विल्लुपुरम में हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 9 के तहत याचिका दायर की थी। पति ने विवाह से ही इन्कार कर दिया। उसका कहना था कि महिला ईसाई धर्म का पालन करती है, इसलिए उसके मामले में हिंदू विवाह अधिनियम लागू नहीं हो सकता।

परिवार न्यायालय ने महिला की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उसने इस फैसले को मद्रास उच्च न्यायालय में चुनौती दी। उच्च न्यायालय की युगल पीठ ने मामले की सुनवाई के बाद परिवार न्यायालय के निर्णय में हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया।

पीठ ने कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम केवल उन लोगों पर लागू होता है, जो कानून में निर्धारित हिंदू की श्रेणी में आते हैं। अधिनियम की धारा 2 में इसके दायरे को स्पष्ट किया गया है। याचिकाकर्ता स्वयं को आदि द्रविड़ ईसाई बताती है, इसलिए वह इस कानून के तहत हिंदू नहीं मानी जा सकती।

न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह होने का दावा करने से संबंधित विवाह हिंदू विवाह अधिनियम के दायरे में नहीं आ जाता। इसलिए महिला को इस अधिनियम के तहत वैवाहिक अधिकारों की बहाली की राहत नहीं दी जा सकती।

उच्च न्यायालय ने महिला की याचिका खारिज कर दी। फैसले का निष्कर्ष यह है कि यदि विवाह में एक पक्ष ईसाई और दूसरा हिंदू है तो ऐसे विवाह से जुड़े अधिकारों का मामला हिंदू विवाह अधिनियम के तहत नहीं चलाया जा सकता।

ऐसे मामलों में विवाह और उससे जुड़े अधिकारों के लिए विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत कानूनी रास्ता अपनाना होगा।

|
वीडियो फीचर

शिवपुरी में शराब दुकान बंद कराने पहुंचीं महिलाओं का पुलिस से विवाद, लाठियां चलीं


पांढुरना में गोटमार परंपरा के नाम पर बरसे पत्थर, 700 पुलिसकर्मी तैनात

जहरीली शराब कांड का आरोपी रवि लखेरा एनकाउंटर में घायल, पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार

सागर जहरीली शराब कांड पर CM मोहन यादव का बड़ा बयान | दोषियों को ऐसा सबक सिखाएंगे!

भोपाल में जूनियर डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने का आंदोलन, सड़क जाम से भारी ट्रैफिक

शिक्षक दिवस पर CM मोहन यादव की बड़ी घोषणा, TET अभ्यर्थी दे सकेंगे ऑफलाइन परीक्षा

आज का राशिफल

व्ययाधिक्य का अवसर आ सकता है। लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। बुद्घितत्व की सक्रियता से अल्प लाभ का हर्ष होगा। कुछ महत्वपूर्ण कार्य बनाने के लिए भाग-दौड़ रहेगी। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। रुका हुआ लाभ आज प्राप्त हो सकता है। धार्मिक स्थलों की यात्रा का योग। शुभांक-4-6-8

आज का मौसम

भोपाल

22° / 31°

Partly sunny

ट्रेंडिंग न्यूज़