दुबई, 09 सितंबर।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य में व्यापारिक सुगमता बढ़ाने के लिए सरकार ने दो हजार सात सौ से ज्यादा नियमों और लगभग नौ सौ कानूनों को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। इस बड़े कदम से उद्योगों की स्थापना के वास्ते एक बेहद अनुकूल माहौल तैयार हो चुका है। निवेशकों को उनकी जरूरत और निर्धारित नीतियों के तहत नियमों में आवश्यक छूट भी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री दुबई के दौरे पर तीसरे दिन आयोजित इन्वेस्ट इन मध्य प्रदेश सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली के कारण दुनिया भर में रहने वाला हर भारतीय आज खुद को गौरवान्वित महसूस करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने जिस तरह गुजरात को विकास की ऊंचाइयों पर पहुंचाया, उसी तरह देश की अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिल रही है। दुबई को दुनिया की आर्थिकी का मुख्य केंद्र माना जाता है जहां से एशिया और यूरोप के बीच व्यापार होता है।
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि मध्य प्रदेश दुनिया का इकलौता ऐसा राज्य है जहां सोने और हीरे के विशाल भंडार मौजूद हैं। अफ्रीकी महाद्वीप के बाद कटनी और सिंगरौली ही वह धरती है जहां सोने की खदानों का पता चला है। माइनिंग सेक्टर में यहां विकास की असीम संभावनाएं हैं। होटल का कारोबार शुरू करने वाली कंपनियों को राज्य सरकार तीस प्रतिशत तक की भारी-भरकम पूंजी सब्सिडी दे रही है। इसके अलावा दुनिया की सबसे सस्ती बिजली दो रुपये सत्रह पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से मध्य प्रदेश में उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने आगे कहा कि मध्य प्रदेश असीम संभावनाओं और उम्मीदों का प्रदेश है जहां नवाचार और विकास का साझा सफर तय होता है। निवेशकों को आगामी जीआईएस-2027 का निमंत्रण देते हुए उन्होंने बताया कि देश की सबसे बेहतरीन एविएशन नीति मध्य प्रदेश के पास है। राज्य से यूएई और अबूधाबी के लिए सीधी विमान सेवा शुरू हो चुकी है। सरकार उड़ानों के लिए वीजीएफ भी दे रही है और अगले महीने शारजाह के लिए भी उड़ान सेवा बहाल कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनकी लगातार दूसरी दुबई यात्रा है और पर्यटन निगम के अध्यक्ष के रूप में भी उन्हें यहां आने का मौका मिला था। उन्होंने निवेशकों को प्रदेश की विशेषताओं और सुविधाओं की पूरी जानकारी दी। सरकार के प्रयासों से लगभग पंद्रह लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव अब जमीन पर उतरने लगे हैं। मध्य प्रदेश से आज छहत्तर हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हो रहा है और देश में सबसे तेज विकास दर यहीं दर्ज की जा रही है।
अपराध मुक्त माहौल और तय समय सीमा में काम का निपटारा निवेशकों को सबसे ज्यादा आकर्षित कर रहा है। औद्योगिक इकाई लगाने के लिए अब जमीन मात्र उनतीस दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जा रही है और सरकार ऑन द स्पॉट जमीन आवंटन में विश्वास रखती है। प्रदेश में एक लाख एकड़ से ज्यादा का इंडस्ट्रियल लैंड बैंक और पांच लाख किलोमीटर से अधिक का मजबूत सड़क नेटवर्क मौजूद है।
दुबई में आयोजित इस निवेशक सम्मेलन के दौरान अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने बताया कि नई लॉजिस्टिक्स नीति के तहत निवेशकों को कई तरह के वित्तीय प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। नर्मदा एक्सप्रेस-वे और दिल्ली-नागपुर कॉरिडोर के जरिए औद्योगिक अवसरों को बढ़ावा मिल रहा है। खनन के क्षेत्र में तांबा, मैंगनीज और चूना पत्थर के साथ स्वर्ण और हीरा संसाधनों में निवेश के बेहतरीन मौके उपलब्ध हैं।
भारत के महावाणिज्य दुत डॉ. ई. विष्णुवर्धन रेड्डी ने मुख्यमंत्री की सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार परवान चढ़ रही है। उन्होंने मध्य प्रदेश की मजबूत कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास की खुलकर प्रशंसा की। आईपीएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र वैद्य ने कहा कि भगवान राम ने अपने वनवास का अधिकांश समय मध्य प्रदेश के चित्रकूट में बिताया था और ऐसे पावन राज्य में निवेशकों को व्यापार करने का बड़ा सौभाग्य मिल रहा है।
प्रख्यात उद्योगपति राजिंदर गुप्ता ने कहा कि देश की प्रगति में मध्य प्रदेश सबसे अहम भूमिका निभाने जा रहा है जहां उद्योगों को हर संभव मदद मिल रही है। मुख्यमंत्री के अथक प्रयासों के चलते ही राज्य आज देश का सबसे उन्नतशील और बारह प्रतिशत से अधिक की विकास दर वाला प्रदेश बन गया है।















