देहरादून, 09 सितंबर।
उत्तराखंड में अगले पाँच दिनों के दौरान मौसम के फिर से तल्ख तेवर दिखाने के पूरे आसार बन रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक दस से तेरह सितंबर के बीच राज्य के तमाम जिलों में झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना है।
इस दौरान कई इलाकों में बादलों की गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है। विशेष तौर पर पर्वतीय अंचलों में भूस्खलन होने, चट्टानें दरककर गिरने तथा मुख्य सड़क मार्ग बाधित होने की आशंका जताई गई है, जिसके चलते आम जनता को पूरी एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।
राजधानी देहरादून में आज बुधवार का दिन मिलाजुला रहा जहाँ दोपहर तक हल्की धूप खिली रही। हालांकि आसमान में बादलों की आवाजाही लगातार बनी रही, जिससे सुबह के वक्त लोगों को बारिश से थोड़ी राहत जरूर महसूस हुई।
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार देहरादून में आंशिक बादलों के बीच हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने और गरज-चमक के दौर जारी रहने की उम्मीद है।
आने वाली तारीखों के आंकड़ों पर नजर डालें तो दस सितंबर को देहरादून के अलावा टिहरी गढ़वाल, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी तीव्र बौछारों के साथ बिजली कड़कने की घटनाएं सामने आ सकती हैं।
क्रम को आगे बढ़ाते हुए ग्यारह सितंबर को देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ चुनिंदा इलाकों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।
ठीक इसी प्रकार बारह सितंबर को देहरादून के साथ-साथ बागेश्वर और उत्तरकाशी जिलों में भी भारी पानी गिरने की पूरी संभावना है। इस अवधि में राज्यभर के सभी जिलों में तेज बारिश के झटके लग सकते हैं।
इसके बाद तेरह सितंबर को मुख्य रूप से बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने तथा पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की बात कही गई है।
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि नौ से तेरह सितंबर के बीच अति संवेदनशील और पहाड़ी क्षेत्रों में हल्के से मध्यम दर्जे का भूस्खलन हो सकता है।
इस दौरान पहाड़ी सड़कों के अवरुद्ध होने, नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने तथा निचले इलाकों में जलभराव जैसी मुसीबतें खड़ी हो सकती हैं।
प्रशासन की ओर से लोगों को यह ताकीद की गई है कि वे भूस्खलन की आशंका वाले रास्तों पर जाने से बचें और मौसम खराब होने पर किसी भी प्रकार की अनावश्यक यात्रा टाल दें।
आसमान में बिजली चमकने के दौरान लोगों को सुरक्षित घरों के अंदर रहने, खिड़की-दरवाजे बंद रखने और पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी गई है।
हालांकि राहत की बात यह है कि नौ सितंबर के फ्लैश फ्लड रिस्क बुलेटिन के मुताबिक उत्तराखंड के किसी भी क्षेत्र में बाढ़ को लेकर कोई गंभीर खतरा फिलहाल नहीं दर्शाया गया है।















