दुबई, 09 सितंबर।
महिला टी20 एशिया कप के दौरान पाकिस्तान की शीर्ष क्रम की बल्लेबाज गुल फिरोजा पर अनुशासनहीनता के कारण सख्त कार्रवाई की गई है। हांगकांग के खिलाफ खेले गए मुकाबले में अंपायर के फैसले पर अपनी असहमति जताना उन्हें भारी पड़ गया, जिसके चलते उन पर मैच फीस का दस प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ दिया गया है।
यह पूरी घटना पाकिस्तान की पारी के पांचवें ओवर के दौरान मैदान पर घटी। बाएं हाथ की स्पिनर कैरी चान की एक उछाल लेती गेंद पर फिरोजा स्वीप शॉट लगाने से चूक गईं और गेंद सीधे उनके पैड पर जा लगी। मैदानी अंपायर ने बिना किसी देरी के उन्हें पगबाधा आउट करार दे दिया।
चूंकि इस टूर्नामेंट में डीआरएस यानी निर्णय समीक्षा प्रणाली की सुविधा उपलब्ध नहीं थी, इसलिए फिरोजा को मजबूरन मैदान छोड़कर वापस लौटना पड़ा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के नियमों के अनुसार, पवेलियन लौटते वक्त उन्होंने अपने बल्ले की तरफ इशारा कर यह जताने की कोशिश की कि गेंद बल्ले को छूकर गई थी। अंपायर के फैसले के खिलाफ इस तरह का आचरण करना आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.8 का सीधा उल्लंघन पाया गया।
बीते चौबीस महीनों के भीतर फिरोजा द्वारा किया गया यह दूसरा ऐसा अपराध है, जिसके कारण उनके कुल डिमेरिट अंकों की संख्या अब दो हो गई है। इस महिला एशिया कप में आचार संहिता तोड़ने के मामले में वह सजा पाने वाली पाकिस्तान की दूसरी खिलाड़ी बन गई हैं। उनसे पहले कप्तान फातिमा सना पर भी भारत के खिलाफ मैच के दौरान अनुचित जश्न मनाने के लिए जुर्माना लगाया जा चुका है।
भारत के खिलाफ मुकाबले के दौरान पारी के दूसरे ओवर में शैफाली वर्मा का कैच आउट होने के बाद कप्तान फातिमा ने पवेलियन की ओर इशारा करते हुए आक्रामक जश्न मनाया था। अधिकारियों की नजर इस हरकत पर पड़ने के बाद उन पर भी मैच फीस का दस प्रतिशत जुर्माना और एक डिमेरिट अंक की सजा तय की गई थी।
दूसरी ओर, मैदान पर इन उतार-चढ़ावों के बीच पाकिस्तान की टीम ने हांगकांग को बहत्तर रनों के बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी है। इस शानदार जीत के दम पर पाकिस्तान ने ग्रुप-ए से सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। अब आगामी शुक्रवार को खेले जाने वाले दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में पाकिस्तान का सामना श्रीलंका की टीम से होगा।















