भोपाल, 9 सितंबर।
राजधानी भोपाल में बिजली का नया मीटर लगवाने और पुराने बिजली प्रकरण में कार्रवाई से बचाने के नाम पर रिश्वत मांगने वाले विद्युत विभाग के दो अधिकारियों को लोकायुक्त ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। छोला स्थित विद्युत कार्यालय में बुधवार को हुई कार्रवाई में सहायक अभियंता राजेंद्र वरवड़े और कनिष्ठ अभियंता अमित कुमार उपाध्याय को 15 हजार रुपये लेते पकड़ा गया। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
लोकायुक्त के मुताबिक शाहजहांनाबाद निवासी तारिक सिद्दीकी अपने मकान में किरायेदार रखने के लिए नया बिजली मीटर लगवाना चाहते थे। इसी सिलसिले में वह छोला स्थित विद्युत कार्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि वहां पदस्थ दोनों अधिकारियों ने मकान से जुड़े पुराने बिजली प्रकरण का हवाला देते हुए नया मीटर लगाने और पुराने मामले में चालान की कार्रवाई से बचाने के लिए 20 हजार रुपये मांगे।
रिश्वत देने के इच्छुक नहीं होने पर तारिक ने 7 सितंबर को लोकायुक्त भोपाल में शिकायत की। शिकायत के सत्यापन में आरोप सही पाए जाने के बाद टीम ने बुधवार को जाल बिछाया। योजना के अनुसार तारिक 15 हजार रुपये लेकर विद्युत कार्यालय पहुंचे। कनिष्ठ अभियंता अमित कुमार उपाध्याय के रकम लेते ही लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया और रिश्वत की राशि बरामद कर ली। सहायक अभियंता राजेंद्र वरवड़े को भी मामले में आरोपी बनाया गया।
कार्रवाई के दौरान का वीडियो भी सामने आया है। इसमें लोकायुक्त टीम के पहुंचने पर कनिष्ठ अभियंता अधिकारी से पूछता सुनाई देता है कि आप कौन हैं और अंदर कैसे आए। इस पर लोकायुक्त के उप पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र सिंह अपना परिचय देते हुए टीम के साथ कार्रवाई के लिए आने की बात कहते हैं। इसके बाद दोनों अधिकारियों से सहयोग करने को कहा गया।
लोकायुक्त ने बताया कि दोनों आरोपितों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के संशोधित प्रावधान 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। रिश्वत की मांग और लेन-देन में अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। कार्रवाई उप पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में निरीक्षक घनश्याम सिंह मर्सकोले और टीम के अन्य सदस्यों ने की।















