वाराणसी, 09 सितंबर।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में देश और प्रदेश भर से आईं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के साथ सीधा और जीवंत संवाद किया। सिगरा स्थित अत्याधुनिक रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित नौवें राष्ट्रीय पोषण माह के भव्य शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मंच से ही कार्यकर्ताओं से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
संबोधन के सिलसिले के बीच मुख्यमंत्री ने गोरखपुर से आई एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को तुरंत पहचान लिया। कार्यकत्री ने जब उन्हें याद दिलाया कि वे उनके पैतृक गांव बसियापुर में आए थे, तो मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए इस बात पर अपनी पूरी सहमति जताई।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ये कार्यकर्ताएं हमारी बुनियादी ताकत हैं। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर की कार्यकर्ता संध्या से खास तौर पर यह सवाल किया कि अति कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में वापस लाने के लिए उन्होंने जमीनी स्तर पर क्या विशेष प्रयास किए हैं।
इस पर कार्यकर्ता ने पूरी बेबाकी से जवाब देते हुए बताया कि उन्होंने नियमित रूप से बच्चों का वजन करने के साथ उनकी लंबाई मापी है। इसके अलावा बच्चों को साफ-सुथरा रखने के साथ-साथ उन्हें पौष्टिक आहार खिलाया गया और उनकी माताओं से मिलकर उन्हें घर पर ही ताजा खाना तैयार करने के लिए प्रेरित किया गया।
बच्चों के भोजन में सुधार के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि माताओं को समझाया गया कि वे मौसमी फल-सब्जियों का इस्तेमाल करें और बच्चों की खिचड़ी में पालक तथा गाजर जैसी पौष्टिक चीजें जरूर मिलाएं।
मुख्यमंत्री ने आगे यह भी पूछा कि सरकार की तरफ से मिलने वाले टेक होम राशन से बच्चों को क्या फायदा हुआ है। कार्यकर्ता ने स्पष्ट किया कि शुरुआत में कुछ लोगों को गलतफहमी थी, लेकिन महिलाओं को समझाने के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई कि सरकार बच्चों की उम्र के मुताबिक नमक और चीनी का सही अनुपात तय कर रही है।
इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि गुजरात, ओडिशा और तमिलनाडु से भी बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां शामिल होने के लिए पहुंची थीं। मुख्यमंत्री ने उन सभी से संवाद स्थापित किया और उनके राज्यों में आदर्श केंद्र बनाने के तौर-तरीकों की जानकारी ली।
गुजरात से आईं भावना से मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से चर्चा की कि वे बच्चों को खाने में क्या-क्या चीजें परोसती हैं। साथ ही उन्होंने तमिलनाडु से जुड़ी कार्यकर्ताओं से भी उनके प्रशासनिक अनुभवों और बच्चों के शारीरिक व बौद्धिक विकास पर विस्तार से बातचीत की।
कार्यक्रम में मौजूद प्रदेश की महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश में नौवें राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत इस अभियान को बेहद आक्रामक और तेज रफ्तार से आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस मुहिम में बेहतर सहयोग करने वाले जागरूक अभिभावकों को भी सम्मानित किया जा रहा है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि यदि देश और समाज को वास्तव में विकसित बनाना है, तो सबसे पहले बच्चों को पूरी तरह पोषित करना अनिवार्य शर्त है।
उन्होंने अंत में कहा कि बच्चों के बेहतर पोषण की बहुत बड़ी जिम्मेदारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कंधों पर है। साथ ही मातृ वंदना योजना माताओं और उनके नौनिहालों के स्वास्थ्य को सुधारने में एक बहुत बड़ी और निर्णायक भूमिका निभा रही है।















