नई दिल्ली, 9 सितंबर।
कारगिल युद्ध के वीर नायक कैप्टन विक्रम बत्रा की जयंती पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सहित कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। नेताओं ने उनके अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता और देश के लिए दिए सर्वोच्च बलिदान को याद किया।
ओम बिरला ने कहा कि कैप्टन बत्रा ने कारगिल की बर्फीली चोटियों पर असाधारण वीरता के साथ देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए। उनका साहस और राष्ट्रप्रेम आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा बना रहेगा।
अमित शाह ने कहा कि कारगिल युद्ध में कैप्टन बत्रा ने महत्वपूर्ण चोटियों पर विजय हासिल करने के साथ अपने नेतृत्व और शौर्य से साथी सैनिकों का हौसला भी बढ़ाया। केवल 24 वर्ष की उम्र में देश के लिए बलिदान देने वाले शेरशाह का जीवन राष्ट्रहित को सर्वोच्च रखने की प्रेरणा देता है।
किरेन रिजिजू ने उन्हें कारगिल युद्ध का नायक बताते हुए उनके साहस और बलिदान को याद किया। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कैप्टन बत्रा ने युद्ध में अद्वितीय वीरता दिखाकर देश की विजयगाथा में अपना नाम अमर किया।
मनोहर लाल ने कैप्टन बत्रा को साहस और वीरता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में उनका समर्पण और पराक्रम इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा। गिरिराज सिंह ने भी उन्हें कारगिल का अमर नायक बताते हुए श्रद्धांजलि दी।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि कैप्टन बत्रा ने दुर्गम कारगिल चोटियों पर अटूट संकल्प के साथ दुश्मन का सामना किया। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी उनकी जयंती पर नमन करते हुए उनके साहस और दृढ़ संकल्प को याद किया।
कैप्टन विक्रम बत्रा भारतीय सेना के अधिकारी थे। 1999 के कारगिल युद्ध में उनके अदम्य पराक्रम के लिए उन्हें मरणोपरांत देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। उनका जन्म 9 सितंबर 1974 को हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में हुआ था और सेना में उन्हें शेरशाह के नाम से जाना जाता था।















