नई दिल्ली, 10 सितंबर।
भारत दौरे पर आए इस्माइली समुदाय के 50वें इमाम प्रिंस रहीम आगा खान पंचम ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने सामाजिक माध्यम के जरिए मुलाकात की जानकारी साझा की। उन्होंने प्रिंस रहीम आगा खान पंचम से मुलाकात पर प्रसन्नता जताते हुए उनके पिता स्वर्गीय आगा खान चतुर्थ के विकास कार्यों में योगदान को याद किया। चर्चा में स्वास्थ्य सेवा, खेती, ग्रामीण विकास तथा युवाओं और महिलाओं के सशक्तीकरण के क्षेत्रों में आगा खान विकास नेटवर्क के साथ साझेदारी को मजबूत करने पर विचार हुआ।
इससे पहले प्रिंस रहीम आगा खान पंचम ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की। इस दौरान आगा खान विकास नेटवर्क की ओर से सामाजिक विकास और विरासत संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों पर चर्चा हुई। भारत और विदेशों में सहयोग की संभावनाओं को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।
प्रिंस रहीम आगा खान पंचम बुधवार को भारत पहुंचे थे। 50वें इमाम के रूप में यह उनकी पहली भारत यात्रा है। उनका भारत दौरा 9 से 15 सितंबर तक रहेगा। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के निमंत्रण पर हो रही है।
भारत यात्रा के दौरान प्रिंस रहीम आगा खान पंचम अहमदाबाद, मुंबई और हैदराबाद भी जाएंगे। 10 सितंबर को उनकी उपराष्ट्रपति के साथ अहम बैठक होगी। इन शहरों में आगा खान विकास नेटवर्क विभिन्न विकास कार्यों और सामुदायिक पहलों से जुड़ा हुआ है।
प्रिंस रहीम आगा खान पंचम ने फरवरी 2025 में अपने पिता प्रिंस करीम आगा खान चतुर्थ के निधन के बाद 50वें इमाम का पद संभाला था। प्रिंस करीम अल-हुसैनी आगा खान चतुर्थ शिया इस्माइली मुसलमानों के 49वें इमाम थे। उनके निधन की जानकारी इस्माइली धार्मिक समुदाय ने अपनी वेबसाइट के माध्यम से दी थी।
आगा खान चतुर्थ ने अपना जीवन लोक कल्याण के लिए समर्पित किया था। उन्होंने दुनिया के गरीब और हाशिए पर रहने वाले समुदायों की मदद के लिए काम किया। वर्ष 1967 में उन्होंने आगा खान फाउंडेशन की स्थापना की थी। यह संस्था अफ्रीका, एशिया, यूरोप, मध्य पूर्व और उत्तरी अमेरिका के 18 देशों में कार्य करती है।















