नई दिल्ली, 10 सितंबर।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स डब्ल्यूबीए महिला-नेतृत्व विकास सम्मेलन को संबोधित करते हुए ब्रिक्स देशों से अंतरराष्ट्रीय व्यापार में महिला उद्यमियों और महिला-संचालित उद्यमों के लिए नए अवसर बढ़ाने हेतु मिलकर काम करने का आह्वान किया है, तथा आसान ऋण, बाजारों तक पहुंच और अनुमानित व्यावसायिक नियमों की आवश्यकता पर जोर दिया है।
भारत की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश वित्तीय समावेशन, शिक्षा, कौशल और बेहतर जीवन स्तर के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, ताकि उन्हें देश की आर्थिक वृद्धि का मुख्य चालक बनाया जा सके, जिसके तहत लगभग 30 करोड़ महिलाओं के बैंक खाते खोले गए हैं और बिना किसी क्रेडिट इतिहास वाली महिलाओं को भी स्वरोजगार शुरू करने के लिए बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि ‘लखपति दीदी’ पहल के अंतर्गत नौ मिलियन से अधिक स्वयं सहायता समूहों से लगभग 100 मिलियन ग्रामीण महिलाएं जुड़ी हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्वतंत्रता सुनिश्चित हो रही है, और इसके साथ ही उन्होंने सरकारों से अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों व सम्मेलनों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का आग्रह करते हुए कहा कि भारत ने वर्ष 2047 तक अपनी अर्थव्यवस्था को चार ट्रिलियन डॉलर से बढ़ाकर तीस ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।















