भोपाल, 10 सितंबर।
ग्रामीण क्षेत्रों में पट्टे की जमीन पर रह रहे 50 लाख से अधिक परिवारों को भूमि का स्वामित्व देने और निःशुल्क रजिस्ट्री उपलब्ध कराने के लिए 17 सितंबर से अभियान शुरू किया जाएगा। इसे लेकर कलेक्टरों और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की गई।
बैठक में अभियान की रणनीति पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ के तहत गांवों में शिविर लगाए जाएं। इन शिविरों में भूमि स्वामियों का रिकॉर्ड दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों को भी इसमें शामिल करने और व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि अभियान के दौरान किसी भी तरह की शिकायत की स्थिति न बने, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
जिला कलेक्टरों को अभियान का नेतृत्व करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए जिला स्तर पर नोडल अधिकारी, जोनल अधिकारी और सेक्टर अधिकारी नियुक्त कर माइक्रो प्लानिंग के अनुसार कार्य सुनिश्चित किया जाएगा।
रजिस्ट्री पूरी होने के बाद भूमि स्वामियों को बैंक से ऋण प्राप्त करने की सुविधा मिल सकेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।















