नई दिल्ली, 10 सितंबर।
देशभर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और आगामी त्योहारी सीजन की मांग ने आम आदमी की रसोई का बजट पूरी तरह बिगाड़ कर रख दिया है, जिसके चलते रसोई का जरूरी हिस्सा माना जाने वाला प्याज अब बाजार में चीनी को कड़ी टक्कर दे रहा है और दिल्ली-एनसीआर में जो प्याज पहले चालीस रुपये प्रति किलो बिकता था, उसके दाम बढ़कर पैंसठ से सत्तर रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं।
एशिया की सबसे बड़ी आजादपुर फल और सब्जी मंडी के प्याज एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने बताया कि मंडी में प्याज थोक भाव में पैंतीस से पचास रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है, जहां सामान्य क्वालिटी का प्याज पैंतीस से चालीस रुपये वाला खुदरा में महंगा मिल रहा है, और मानसून के चौथे दौर की भारी बारिश के कारण मंडियों तक सब्जियों की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित होने से मांग और आपूर्ति का संतुलन बिगड़ गया है।
बढ़ती महंगाई पर काबू पाने के लिए केंद्र सरकार ने अपने बफर स्टॉक से चुनिंदा शहरों में पैंतीस रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर प्याज बेचने का दावा किया है, जिसे एनसीसीएफ, मदर डेयरी के सफल स्टोर, नैफेड और केंद्रीय भंडार के आउटलेट्स एवं मोबाइल वैन के जरिए वितरित किया जा रहा है, हालांकि दिल्ली-एनसीआर के अधिकांश इलाकों में इस रियायती प्याज की आपूर्ति और बिक्री का लाभ आम जनता तक सही ढंग से पहुंचता हुआ नजर नहीं आ रहा है।















