उज्जैन, 10 सितंबर।
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के पावन अवसर पर गुरुवार तड़के कपाट खुलने के साथ ही भगवान महाकाल की पारंपरिक भस्म आरती अत्यंत विधि-विधान और भव्यता के साथ संपन्न की गई।
मंदिर के पंडे-पुजारियों द्वारा गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं के पूजन के पश्चात भगवान महाकाल का दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया तथा मस्तक पर रजत चंद्र, भांग और चंदन अर्पित कर उनका दिव्य शृंगार किया गया।
महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से ज्योतिर्लिंग पर भस्म अर्पित किए जाने के बाद बाबा महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, मुंडमाल और रुद्राक्ष की मालाएं धारण कराकर राजा स्वरूप में सजाया गया, जिसके दर्शन कर बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद प्राप्त किया।















