नागपुर, 11 सितंबर।
ढोल-नगाड़ों की गूंज, ‘ले जा रे गे मारबत’ के जयघोष, गुलाल की बौछार और सड़कों पर उमड़ी भीड़ के बीच नागपुर की करीब 150 वर्ष पुरानी मारबत और बड़गे की परंपरा इस बार भी भव्य रूप में दिखाई दी। इतवारी क्षेत्र के नेहरू पुतला चौक पर काली मारबत और पीली मारबत का पारंपरिक मिलन हुआ। इस ऐतिहासिक दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में नागपुरवासी पहुंचे और पूरा क्षेत्र जनसैलाब में बदल गया।
नेहरू चौक के आसपास की इमारतों की छतों, गैलरियों और बालकनियों से भी लोगों ने शोभायात्रा और मारबत के मिलन का नजारा देखा। ढोल-ताशों की थाप और जयघोष से वातावरण गूंजता रहा। लोगों में इस अनूठी लोक-सांस्कृतिक परंपरा को लेकर खासा उत्साह नजर आया।
विदेशी राजनयिकों ने भी नागपुर की इस परंपरा को करीब से देखा। फ्रांस, इटली, फिनलैंड और नॉर्वे के वाणिज्य दूत नेहरू चौक की एक इमारत से शोभायात्रा देखते नजर आए। उन्होंने इस सौ वर्ष से अधिक पुरानी लोकपरंपरा की सराहना की।
फिल्म निर्देशक सुभाष घई, जय मेहता, अभिनेता जैकी श्रॉफ और अंकुश चौधरी तथा क्रिकेटर उमेश यादव भी आयोजन में मौजूद रहे। भारी भीड़ और लोगों के उत्साह ने उनका भी ध्यान आकर्षित किया।
महंगाई, सामाजिक कुरीतियों, प्रशासनिक व्यवस्था और राजनीतिक घटनाक्रमों पर व्यंग्य करते बड़गे भी आकर्षण का केंद्र रहे। ‘मोबाइलवाले बाबा’, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’, ‘रहमान डकैत’, पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर पर कटाक्ष करने वाला बड़गा और युवाओं में बढ़ते नशे के खिलाफ संदेश देने वाले बड़गे चर्चा में रहे। इनके गुजरने के साथ ढोल-ताशों की थाप पर लोगों का उत्साह बढ़ता गया।
भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील अधिकारियों के साथ व्यवस्था का जायजा लेते रहे। उनके मार्गदर्शन में करीब चार हजार पुलिसकर्मियों और राज्य आरक्षित पुलिस बल की टुकड़ियों की तैनाती रही। नागपुर महानगरपालिका के नियोजन से शोभायात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
स्थानीय चैनल के सीधे प्रसारण के माध्यम से देश-विदेश में बैठे लाखों लोगों ने भी आयोजन देखा। जनसैलाब, ढोल-ताशे, गुलाल, बड़गों के सामाजिक-राजनीतिक व्यंग्य और काली-पीली मारबत के पारंपरिक मिलन ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।















