तेहरान/वाशिंगटन, 11 सितंबर।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका के चालक रहित सेलड्रोन पोत के नापाक इरादों को पूरी तरह विफल कर दिया है। इसी बीच ईरान समर्थक यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के बेहद अहम और रणनीतिक शहर मोचा पर अपना पूर्ण अधिकार जमा लिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता की लहर दौड़ गई है। हूती गुट की इस आक्रामक कार्रवाई से गंभीर रूप से चिंतित होकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने तत्काल प्रभाव से यमन के हालात पर एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की है।
विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि ओमान के तट के निकट दो अलग-अलग जहाजों पर मिसाइल और रॉकेट जैसे घातक हथियारों से हमले किए गए हैं। इन हमलों के बाद हूती विद्रोहियों ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों में गिने जाने वाले सामरिक बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ और अधिक मजबूत कर ली है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की इस बैठक के दौरान यमन सरकार के प्रतिनिधि ने वैश्विक मंच पर चेतावनी दी है कि क्षेत्र में हूती आतंकवादियों की बर्बर आक्रामकता पड़ोसी देशों और आम नागरिकों के लिए लगातार खतरनाक रूप से बढ़ती जा रही है।
सऊदी अरब के संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उनका देश हूती गुट के इन हमलों को कुचलने के लिए हर संभव और आवश्यक कदम उठाएगा ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। वहीं पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने इस बढ़ते संघर्ष के दूरगामी और गंभीर परिणामों की आशंका जताते हुए तत्काल एक ठोस राजनयिक समाधान तलाशने का पुरजोर आग्रह किया है। इसके बाद ईरानी विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि यमन को किसी भी प्रकार के दबाव, डराने-धमकाने और अमानवीय घेराबंदी से पूरी तरह मुक्त होकर सम्मान के साथ जीने का मौलिक अधिकार प्राप्त है, तथा दुनिया को उसकी संप्रभुता का पूरा सम्मान करना चाहिए। ईरान की एक अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी के माध्यम से प्रसारित इस बयान में यह भी जोर दिया गया कि निरंतर सैन्य मदद और नाकाबंदी से यमन के ज्वलंत मुद्दों का कभी समाधान नहीं निकल सकता, हालांकि ईरान इन हालातों को सुधारने के लिए कूटनीतिक प्रयास करने को पूरी तरह तैयार है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को अपने एक बयान में दावा किया कि ईरान आगामी मध्यावधि चुनाव को अपने पक्ष में प्रभावित करने की फिराक में है, लेकिन उन्हें पूरी उम्मीद है कि चुनाव खत्म होते ही यह युद्ध स्वतः समाप्त हो जाएगा क्योंकि अब विरोधी ज्यादा लंबे समय तक टिकने में सक्षम नहीं हैं।















