नई दिल्ली, 11 सितंबर।
प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने बैंक धोखाधड़ी से जुड़े दो बड़े मामलों में देश के कई राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी की है। केंद्रीय एजेंसी की इस बड़ी कार्रवाई से वित्तीय जगत में हड़कंप मच गया है।
पटना जोनल कार्यालय ने बिहार के गया स्थित एक रिसॉर्ट समूह से जुड़े मामले में कार्रवाई की है। इसके तहत गया, गुरुग्राम और नई दिल्ली में कुल नौ ठिकानों पर तलाशी ली गई।
यह मामला सेंट्रल बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह से लिए गए अस्सी करोड़ से अधिक के ऋण से जुड़ा है। आरोप है कि फर्जी रिपोर्ट के जरिए बड़ी रकम को इधर-उधर किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि बैंक के पास गिरवी रखी गई संपत्तियों को नियमों को ताक पर रखकर बेच दिया गया। खरीदारों की वित्तीय क्षमता पर भी संदेह जताया जा रहा है।
सीबीआई के आरोपपत्र के अनुसार इस मामले में अपराध से जुड़ी संपत्ति की राशि एक सौ इकतीस करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी गई है। एजेंसी इस पूरे नेटवर्क और बेनामी लेनदेन की गहराई से छानबीन कर रही है।
दूसरी बड़ी कार्रवाई के तहत कोलकाता जोनल कार्यालय ने ओडिशा के समूहों से जुड़े प्रवर्तकों के ठिकानों पर दबिश दी है। यह मामला ऋण धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है।
यह कार्रवाई एसआरईआई समूह से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के सिलसिले में की जा रही है। कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद में कई परिसरों की तलाशी ली गई है।
एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि ऋण के रूप में मिली भारी-भरकम राशि का असली उपयोग कहाँ किया गया। धन को घुमाने और हेराफेरी करने के तमाम पहलुओं की जांच जारी है।















